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सोमवार, 29 मई, 2006 को 15:12 GMT तक के समाचार
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'उच्च वर्ग के ग़रीबों का भी ख़्याल रखें'
भाजपा
भाजपा ने सभी वर्गों को ध्यान में रखने की बात भी दोहराई
भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र सरकार के उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को सही बताते हुए इसका समर्थन तो किया है लेकिन उच्च वर्ग के ग़रीबों के हितों का ख़्याल रखने की भी बात कही है.

पार्टी का मानना है कि आरक्षण को लागू करवाने को लेकर वर्तमान केंद्र सरकार की जो तरीका अपनाया है, वह ग़लत है.

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा ने उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ी जातियों को आरक्षण दिए जाने का समर्थन किया था.

पर इसे लागू करते वक़्त इस बात को ध्यान में रखना होगा कि इससे समाज को किसी तरह का विभाजन न देखना पड़े.

संवेदनशील मुद्दा

पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद इस बाबत कहते हैं, "अभी इसे जिस तरह से लागू किया गया है, वह साफ़तौर पर वोटों की राजनीति करना है. दूसरा यह कि इसे समाज में विघटन पैदा करने के लिए किया गया है. ऐसे संवेदनशील मुद्दे को राजनीति नहीं, सामंजस्य के साथ लागू करना चाहिए था."

 हम पिछड़े वर्ग को उच्च शिक्षण संस्थानों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के पक्ष में हैं पर उन लोगों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा जो उच्च वर्ग के हैं पर ग़रीब हैं
रविशंकर प्रसाद, भाजपा प्रवक्ता

पार्टी ने पिछड़ी जातियों के संपन्न लोगों के लिए भी साफ़तौर पर कुछ न कहते हुए कहा कि सरकार को ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे इसका लाभ पिछड़े वर्ग के उन लोगों तक पहुँच सके, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है.

जब पत्रकारों ने पार्टी प्रवक्ता से साफ़ शब्दों में पूछा कि भाजपा आरक्षण के पक्ष में है या इसके विरोध में तो पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "हम पिछड़े वर्ग को उच्च शिक्षण संस्थानों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के पक्ष में हैं पर उन लोगों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा जो उच्च वर्ग के हैं पर ग़रीब हैं."

भाजपा आरक्षण के साथ मेरिट को भी ध्यान में रखने की बात सरकार को याद दिलाने से नहीं चूकी.

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