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राजस्थान में विवाह का पंजीकरण ज़रुरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान सरकार ने राज्य में विवाह के पंजीकरण को आवश्यक कर दिया है. राज्य सरकार ने ये क़दम सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद उठाया है जिसमें कहा गया था कि राज्य और केंद्र की सरकारें विवाह पंजीकरण को आवश्यक बनाने के लिए क़ानून बनाएँ. महिला संगठनों ने इस क़दम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे राज्य में बाल विवाह रोकने में सहायता मिलेगी. उल्लेखनीय है कि राजस्थान में कम उम्र में विवाह, एक बड़ी समस्या है. भाजपा शासित राजस्थान के सामाजिक कल्याण मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि अब बिना पंजीकरण के किसी विवाह की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए मामूली सा शुल्क भी लिया जाएगा. सामाजिक कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव ने इस क़ानून का स्वागत करते हुए कहा, "राजस्थान में लड़कियों की कम उम्र में ही शादी कर दी जाती है और 17 प्रतिशत लड़कियाँ 15 से 17 वर्ष की उम्र में ही माँ बन जाती हैं." क़ानून के अनुसार लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले और लड़कों की शादी 21 साल से पहले नहीं की जानी चाहिए. गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में पहले से ही विवाह का पंजीकरण करवाने का क़ानून है. लेकिन भारत के ज़्यादातर हिस्सों में विवाह अभी भी पारंपरिक रीति रिवाज़ों के अनुसार होते हैं और जब तक वीसा लेने जैसी औपचारिकताएँ पूरी न करनी हो, कोई विवाह का पंजीकरण नहीं करवाता. | इससे जुड़ी ख़बरें सरकारी शादी में कर्मचारी दीवाने....05 मई, 2006 | भारत और पड़ोस अब शादी का पंजीकरण होगा आवश्यक14 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बाल विवाह रोकने की 'सज़ा'11 मई, 2005 | भारत और पड़ोस जन्म पंजीकरण के लिए अभियान21 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस अब मियाँ-बीवी के हक़ निकाहनामे में09 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस भारतीय रंग में विदेशियों की शादी28 जून, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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