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भ्रूण हत्या के ख़िलाफ़ आया एक गाँव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पंजाब के संपन्न दोआब क्षेत्र के लखनपाल गाँव में लड़कियों की संख्या लड़कों को पार कर गई है. हाल के सर्वेक्षण में पता चला है कि वहाँ 1000 लड़कों के मुक़ाबले 1400 लड़कियाँ हैं. जबकि भारत का पंजाब राज्य कन्या भ्रूण हत्या को लेकर बदनाम रहा है और राज्य में 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या केवल 776 है. हाल में एक स्वयंसेवी संस्था पंजाब पंचायत संघ ने इस गाँव में सर्वेक्षण करवाया और पाया कि लखनपाल गाँव में माहौल राज्य से अलग है. यहाँ लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक है. गाँव की सरपंच कमलेश इसे ईश्वर की कृपा मानती हैं. उनका कहना था,'' हम भ्रूण हत्या जैसी बुराइयों के ख़िलाफ़ बोलने से कभी नहीं हिचकिचाए. यह पंजाब में महामारी की तरह है. लेकिन मैं आपको भरोसा दिला सकती हूँ कि गाँव के 258 परिवारों में से एक ने भी भ्रूण हत्या के बारे में कभी नहीं सोचा.'' सरपंच की सहयोगी जीवन कुमारी का कहना था कि गाँव में किसी को भी इस तथ्य का पता नहीं था. उनका कहना था कि जब पंचायत संघ ने यह सर्वेक्षण करवाया और उसके बाद उन्होंने सूचित किया कि इसके लिए वह गाँववालों का सम्मान करना चाहते हैं. पिछले सप्ताह पंचायत संघ ने एक आयोजन किया और लखनपाल गाँव के लोगों को सम्मानित किया. पंचायत संघ की अध्यक्ष इंदरजीत कौर मान का कहना है कि लखनपाल गाँव ने अन्य गाँवों के लोगों के लिए एक उदाहरण पेश किया है. उनका कहना था कि हमने आसपास के 42 गाँव के लोगों को आमंत्रित किया है कि वे इस गाँव में आएं और देखें कि इसने कैसी मिसाल पेश की है. इंदरजीत कौर का कहना था कि सरकार को आगे आना चाहिए और गाँववालों को पुरस्कृत करना चाहिए. उल्लेखनीय है कि कन्या भ्रूण की हत्या को लेकर भारत में लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है और इसे रोकने के लिए क़ानून बनाने के अलावा लड़कियों के लिए कई योजनाएँ सरकार ने बनाई हैं. लेकिन इसके बावजूद हर बार जनगणना से ज़ाहिर होता रहा है कि देश में लड़कों की तुलना में लड़कियाँ कम पैदा हो रही हैं और इसका कारण यही होता है कि कन्याओं की भ्रूण हत्या कर दी जाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भारत में एक करोड़ कन्या भ्रूण हत्याएँ'09 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'पंजाब की जनता कन्या भ्रूण हत्या रोके'23 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस इकलौती लड़की होने पर एक लाख10 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस 'लड़की करेला, लड़का लड्डू'14 जून, 2004 | भारत और पड़ोस भारत में कन्या भ्रूण हत्या:एक अभिशाप28 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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