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'पंजाब की जनता कन्या भ्रूण हत्या रोके' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पंजाब की जनता से अपील की है कि वे कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए एक सामाजिक अभियान चलाएँ. प्रधानमंत्री ने पंजाब के लुधियाना शहर में एक अस्पताल का उदघाटन करते हुए कहा कि राज्य की आबादी में कन्याओं की तेज़ी से कम होती संख्या एक गंभीर चिंता का विषय है. पंजाब में औसतन एक हज़ार लड़कों की तुलना में लगभग साढ़े आठ सौ लड़कियाँ ही हैं यानी बहुत बड़ी संख्या में लड़कियाँ कन्या भ्रूण हत्या की शिकार हो चुकी हैं. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सहित भारत के कई राज्यों में हर वर्ष लाखों लड़कियों को पैदा होने से पहले ही मार डाला जाता है. इसके लिए अल्ट्रासाउंड का सहारा लिया जाता है ताकि शिशु के पैदा होने से पहले ही पता लगा लिया जाए कि वह लड़की है या लड़का. सरकार ने भ्रूण का लिंग पता लगाने के लिए किए जाने वाले परीक्षणों को पूरी तरह ग़ैरक़ानूनी घोषित कर दिया है लेकिन फिर भी कन्या भ्रूण हत्या बदस्तूर जारी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि बालिकाओं और महिलाओं को नज़रअंदाज़ करके कोई विकास नहीं हो सकता. मनमोहन सिंह ने कहा कि विज्ञान और टेक्नॉलॉजी में प्रगति का प्रयोग इंसानियत की भलाई के लिए होना चाहिए न कि उसे अजन्मी कन्याओं की हत्या के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए. उन्होंने पंजाब की मेडिकल बिरादरी से अपील की कि वे इस मामले को बहुत गंभीरता से लें और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए प्रयास करें. |
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