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इकलौती लड़की होने पर एक लाख | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि जिन परिवारों में लड़की परिवार की इकलौती संतान होगी उसे एक लाख रुपए दिए जाएँगे. समाज में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की कम होती संख्या को बढ़ाने के लिए सरकार ने यह घोषणा की है. सरकार ने कहा है कि यह राशि लड़की को तब दी जाएगी जब वह 20 साल हो जाएगी और इसके लिए माता-पिता दोनों को अपनी चिकित्सकीय जाँच करवानी होगी कि उन्होंने परिवार नियोजन के लिए ऑपरेशन करवा लिया है. राज्य सरकार का कहना है कि राज्य में लिंगानुपात लगातार गिरता जा रहा है और 2001 की जनसंख्या में 1000 पुरुषों के पीछे 943 महिलाएँ हैं. वैसे पिछले दो दशकों से पूरे देश में लिंग परीक्षण और उसके बाद महिला भ्रूण की हत्या को लेकर चिंता है. सानिया मिर्ज़ा प्रतिनिधि राज्य के मुख्यमंत्री वायएस राजशेखर रेड्डी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा है कि इसके अलावा लड़की को इकलौती संतान के रुप में अपनाने वाले परिवार को कई सुविधाएँ दी जाएँगी. इसमें लड़की कक्षा नवमीं से बारहवीं तक की शिक्षा के दौरान प्रतिवर्ष 1,250 रुपयों का अनुदान शामिल है. उन्होंने कहा है कि यदि माता पिता दोनों में से किसी की मौत हो जाती है तो परिवार को तत्काल 50 हज़ार रुपए दिए जाएँगे. इस योजना का लाभ तभी मिल सकेगा जब लड़की पैदा होने के बाद माता पिता परिवार नियोजन करवाने का सरकारी अस्पताल का एक सर्टिफ़िकेट प्रस्तुत करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार राज्य में महिलाओँ को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाएगी. राज्य ने टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा को 'राज्य की लड़कियों की प्रतिनिधि' का नाम दिया गया है जो राज्य की ही रहने वाली हैं और अब तक इतनी ऊँचाई तक पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला हैं. सानिया मिर्ज़ा के नाम से राज्य सरकार ने होर्डिंग्स भी लगवाई हैं जिसमें कहा गया है, "अगली चैंपियन आपकी बेटी भी हो सकती है." उल्लेखनीय है कि सानिया मिर्ज़ा हाल ही में ऑस्ट्रेलियन ओपन गैंड स्लैम में तीसरे दौर तक पहुँची थीं और फिर हैदराबाद में एकल खिताब जीता था. |
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