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बुधिया के मैराथन दौड़ने पर लगी रोक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उड़ीसा के अधिकारियों का कहना है कि चार साल के बुधिया सिंह को स्वास्थ्य कारणों से अब लंबी दूरी के लिए दौड़ने नहीं दिया जाएगा. मात्र चार साल के बुधिया सिंह ने कुछ ही दिन पहले पुरी से भुवनेश्वर की 65 किलोमीटर की दूरी सात घंटे में तय कर लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज़ कराया था. उड़ीसा के कल्याण मंत्री प्रमिला मल्लिक ने कहा है कि अगर बुधिया की तबीयत फिर ख़राब होती है तो इसके लिए सरकार ज़िम्मेदार होगी. बुधिया की मैराथन दौड़ के बाद कई मानवाधिकार संस्थाओं ने छोटे बच्चे को इस तरह से दौड़ाए जाने पर आपत्ति की थी जिसके बाद बुधिया का मेडिकल चेकअप करवाया गया. मेडिकल चेकअप के बाद डॉकटरों ने कहा है कि बुधिया को उच्च रक्त चाप है और उसके ह्रदय पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है. इस जांच के बाद कल्याण मंत्री ने कहा, "अगर कल को बुधिया को कुछ होता है तो इसकी ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की होगी." डॉक्टरी रिपोर्ट डॉक्टरों की अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है कि बुधिया के ह्दय पर अत्यधिक दबाव है जो ज़्यादा दौड़ने के कारण हुआ है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर वो ऐसे ही दौड़ना जारी रखेगा तो उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. डॉक्टरों ने कहा है कि बुधिया को अच्छे और प्रशिक्षित कोच से ट्रेनिंग देकर आगे दौड़ने के लिए तैयार किया जाना चाहिए और उसके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पर्याप्त सुविधा होनी चाहिए. बुधिया के कोच बिरंची दास ने डॉक्टरों की इस रिपोर्ट को सरासर ग़लत क़रार दिया है और कहा है कि ये रिपोर्ट निष्पक्ष नहीं है. बिरंची दास ने कहा " मैं ये पूछना चाहता हूं कि जब डॉक्टर बुधिया की जांच कर रहे थे तो बुधिया के निजी डॉक्टर सिद्धार्थ मोहंती को वहां क्यों नहीं रहने दिया गया. " दूसरी तरफ बुधिया का चेकअप करने वाली पांच डॉक्टरों की टीम के प्रमुख का कहना है कि उन्होंने बिल्कुल प्रोफेशनल सलाह दी है. टीम के प्रमुख सुगता कर कहते हैं कि अब राज्य सरकार को फ़ैसला करना है कि वो बुधिया को लंबी दूरी की दौड़ के लिए अपनी सहमति देते हैं या नहीं. बुधिया पर विवाद बुधिया को लेकर पिछले साल उस समय विवाद शुरु हुआ जब मीडिया में उसके दौड़ने की प्रतिभा को लेकर ख़बरें छपीं. कल्याण मंत्री प्रमिला मल्लिक ने बुधिया के कोच बिरंची दास पर बुधिया का शोषण करने का आरोप लगाया और कहा कि वो मदारी हैं. इसके बाद बिरंची दास ने मल्लिक के ख़िलाफ़ मानहानि का दावा किया है. बिरंची दास का कहना है कि उन्होंने बुधिया को ग़रीबी से बचाया है. बुधिया को उसकी मां ने 800 रुपए में बेच दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें नन्हें पाँवों में ज़ोर ग़ज़ब का14 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस बाल धावक के शोषण की आशंका10 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस बाल धावक के कोच के ख़िलाफ़ मुक़दमा14 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नन्हे मैराथन धावक के कोच की पेशी04 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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