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सैकड़ों लोग त्रिंकोमाली छोड़कर भागे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वी श्रीलंका के त्रिंकोमाली शहर में पिछले दो सप्ताह से जारी हिंसा के कारण सैकड़ों लोग अपना घर छोड़कर इलाक़े से भाग गए हैं. इस इलाक़े में जातीय तनाव फैल गया है और हाल के दिनों में वहाँ कई बम हमले हुए हैं. सरकार ने इन हमलों के लिए तमिल विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया है. इन बम हमलों के विरोध में सिंहला प्रदर्शनकारियों ने तमिलों के घर जला दिए. इलाक़े में अब कर्फ़्यू लगा दिया गया है. लेकिन श्रीलंका से एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हिंसा की और घटनाएँ होने की आशंका है. इस बीच अगले हफ़्ते सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच बातचीत सही समय हो- इसके लिए कोशिशें जारी हैं. शनिवार को एलटीटीई ने ख़ुद को इस बातचीत से अलग कर लिया था. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अब उन्हें बातचीत के लिए मनाना मुश्किल होगा. सरकार और एलटीटीई के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहे हैं नॉर्वे के दूत यैन हैन्सेनबावर. वे बुधवार को सरकारी प्रतिनिधियों से मिल रहे हैं. इसके बाद वे गुरुवार को एलटीटीई के मुख्यालय जाएँगे. पिछले 12 दिनों के दौरान त्रिंकोमाली में हिंसा की कई घटनाएँ हुई हैं. अब यहाँ के निवासी इलाक़े से भाग रहे हैं. सैकड़ों लोग स्कूलों और चर्चों में छिपे हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका शांति वार्ता पर बादल मंडराए15 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका की घड़ियों में अब एक ही समय14 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका शांति वार्ता आगे बढ़ी14 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में और धमाके, 16 मरे12 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस बारूदी सुरंग धमाके में 12 सैनिकों की मौत11 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस मध्यस्थ जाएँगे तमिल विद्रोहियों के पास10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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