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श्रीलंका में और धमाके, 16 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के पूर्वोत्तर इलाक़े में दो बम धमाकों और उसके बाद हुई हिंसा में 16 लोगों की मौत हो गई है. पुलिस का कहना है कि त्रिकोंमाली के बाज़ार में एक बम धमाका हुआ जिसके बाद लोग अपने घरों से बाहर आ गए और कई दुकानों और कारों को आग लगा दी गई. धमाके में 40 लोगों के घायल होने की भी ख़बर है. पहला धमाका त्रिकोंमाली शहर में ही हुआ जिसमें दो पुलिसकर्मी समेत सात लोग मारे गए. पुलिस के अनुसार यह विस्फोट बारुदी सुरंगों के कारण हुआ. सोमवार से अब तक श्रीलंका में चार बम धमाके हो चुके हैं जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हुई है. पुलिस इन धमाकों के लिए तमिल चरमपंथी संगठन एलटीटीई को ज़िम्मेवार ठहराती रही है. भगदड़ त्रिकोंमाली के सब्ज़ी बाज़ार में धमाके ने पूरे बाज़ार को हिला कर रख दिया. पुलिस उपमहानिरीक्षक रोहन अभयवर्धना ने बीबीसी को बताया कि मारे गए लोगों में से दो सुरक्षाकर्मी भी थे. एक प्रत्यक्षदर्शी समन मल्लावराची का कहना है कि उसने कई शव पड़े हुए देखे. मछली का व्यापार करने वाले लाहिरु हेटिज धमाके के समय बाज़ार में ही थे. उन्होंने बीबीसी को बताया, " हम धमाका सुनते ही बाहर की तरफ भागे. पूरे बाज़ार में अफरा तफरी का माहौल था. मैंने कई लाशें देखी और घायलों की संख्या तो बहुत अधिक थी." धमाके के बाद गुस्साए लोगों ने कई दुकानों और कारों में आग लगा दी. पुलिस ने गुस्साए भीड़ पर काबू करने की कोशिश की और पूरे त्रिंकोमाली में कर्फ्यू लगा दिया गया है. अभी तक यह साफ़ नहीं हुआ है कि कितने लोग बम धमाके में मरे हैं और कितने लोगों की मौत धमाके के बाद की हिंसा के कारण हुई. सेना ने इन धमाकों के लिए तमिल विद्रोहियों को ज़िम्मेवार ठहराया है. विद्रोहियों ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. | इससे जुड़ी ख़बरें मध्यस्थ जाएँगे तमिल विद्रोहियों के पास10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस बारूदी सुरंग धमाके में छह की मौत10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई पर जबरन वसूली का आरोप15 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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