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श्रीलंका शांति वार्ता आगे बढ़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नॉर्वे ने कहा है कि श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच शांति वार्ता का अगला दौर पूर्व निर्धारित समय से कुछ दिन बाद होगा. नॉर्वे सरकार ने कहा है कि दोनों पक्षों के वार्ताकार अब 24 और 25 अप्रैल को जेनेवा में मुलाक़ात करेंगे. पहले यह मुलाक़ात 19 अप्रैल को होनी थी लेकिन तमिल विद्रोहियों ने इस तिथि को आगे बढ़ाने की माँग की थी. तमिल विद्रोहियों के नेताओं ने कहा है कि वे वरिष्ठ कमांडरों से कुछ बातचीत करना चाहते हैं. दोनों पक्षों के बीच समझौते के अमल की निगरानी करने वालों का कहना है कि अगर हिंसा हुई तो उससे शांति प्रयासों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. आर्थिक सहायता देने वाले देशों ने दोनों पक्षों से अनुरोध किया था कि वे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही बातचीत करें. नॉर्वे, जापान, यूरोपीय संघ और अमरीका ने एक बयान जारी करके श्रीलंका में सुरक्षा हालात पर चिंता ज़ाहिर की थी. ग़ौरतलब है कि इसी सप्ताह एक हमले में 30 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई थी. सरकार ने इस हमले के लिए तमिल विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया था हालाँकि विद्रोहियों ने अपना हाथ होने से इनकार किया है. श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच फ़रवरी 2006 में बातचीत का एक दौर हो चुका है जिसमें उन्होंने हिंसा रोकने का संकल्प व्यक्त किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में और धमाके, 16 मरे12 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस बारूदी सुरंग धमाके में 12 सैनिकों की मौत11 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस मध्यस्थ जाएँगे तमिल विद्रोहियों के पास10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस बारूदी सुरंग धमाके में छह की मौत10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में 'समय-भेद' ख़त्म होने के आसार03 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई पर जबरन वसूली का आरोप15 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों की वार्ता22 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों की वार्ता06 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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