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जावेद को शौर्य सम्मान की सिफ़ारिश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में व्यापार मेले में लगी आग से दर्जन भर लोगों को सुरक्षित निकाल लानेवाले युवक जावेद को मरणोपरांत शौर्य पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की सिफ़ारिश की गई है. जावेद ने दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में गुरुवार को अंतिम साँस ली. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने जावेद के परिजनों को पाँच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. मेरठ के कंज़्यूमर मेले में एक स्टाल पर जावेद सहायक के रूप में काम कर रहा था. जावेद के साथी आरिफ़ चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि मेले में आग लगने के बाद वे लोग सुरक्षित बाहर निकल आए थे. लेकिन तभी उन्होंने देखा कि कुछ छोटे बच्चे आग में फंसे हुए हैं. इस दृश्य को देखकर जावेद अपने आपको रोक नहीं पाया और जलते पंडाल में जा घुसा और कई बच्चों को निकाल लाया. इसमें उसके कपड़े काफ़ी जल गए लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और कई बच्चों को बाहर निकाल लिया. बाद में जावेद को काफ़ी जली हुई हालत में मेरठ के सुशीला जसवंत राय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में उसके परिजन उसे दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में ले आए. जहाँ जावेद ने गुरुवार को अंतिम सांस ली. जावेद के पिता मिज़ाज अहमद ने बताया कि उसने इस साल 12वीं की परीक्षा दी थी और वह इंजीनियर बनना चाहता था. ग़ौरतलब है कि सोमवार को मेरठ के विक्टोरिया पार्क में चल रहे व्यापार मेले के दौरान लगी आग में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 100 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें मुलायम ने दिए न्यायिक जाँच के आदेश11 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस आग पर काबू पाया गया, राहत कार्य जारी10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'हादसे के लिए प्रशासन ज़िम्मेदार है'10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस मेरठ आग हादसे की जांच के आदेश10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस मेरठ में विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी12 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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