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मुलायम ने दिए न्यायिक जाँच के आदेश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मेरठ हादसे की न्यायिक जाँच के आदेश दिए हैं. हादसे की जाँच हाई कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश करेंगे. इस हादसे की मजिस्ट्रेट जाँच के पहले ही आदेश दिए जा चुके हैं. ये जाँच मुख्य विकास अधिकारी कर रहे हैं. सोमवार को व्यापार मेले के दौरान लगी आग में कम से कम 50 लोगों के मारे जाने की आशंका है और 100 से ज़्यादा घायल हैं. अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या सिर्फ़ 30 बताई है. मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भी कहा कि मरने वालों की संख्या 30 हैं. मेरठ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि 100 से ज़्यादा घायल हैं जिनमें 16 की हालत गंभीर है. लेकिन अधिकारियों ने माना कि मरने वालों की संख्या 50 से ज़्यादा हो सकती है. मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी मेरठ का दौरा किया और उच्च स्तरीय जाँच की बात कही. इस बीच मेरठ पुलिस ने व्यापार मेले के आयोजकों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज किया है. भारतीय दंड संहिता की धारा 304 ए, 337, 338 और 427 के तहत ये मामला दर्ज किया गया है. इनमें लापरवाही के कारण मौत और लोगों की सुरक्षा पर ख़तरा पैदा करने जैसे मामले हैं. सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर आरपी सिंह ने बीबीसी को बताया कि मुख्य आयोजकों लखन तोमर, सिद्धार्थ मल्होत्रा और असित गुप्ता को गिरफ़्तार करने के लिए तीन पुलिस पार्टियों को भेजा गया है. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपए देने की घोषणा की है. देर रात तक राहत कार्य जारी था और सरकारी महकमे के कई आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए थे. मेरठ की घटना के बारे में अधिकारियों ने बताया है कि सोमवार को शाम छह बजे आग लगी. मेरठ से बीबीसी संवाददाता नगेंदर शर्मा का कहना है कि स्थानीय जनता में इस दुर्घटना को लेकर काफ़ी ग़ुस्सा और आक्रोश है. कई लोगों ने राज्य सरकार और प्रशासन के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी भी की है. एक प्रत्यक्षदर्शी प्रकाश आर्य ने बताया, "शवों को पहचान पाना मुश्किल था इसलिए उन्हें लोगों की नज़रों से हटा दिया गया." बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी के मुताबिक मेरठ में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सेना को भी बुलाया गया है. स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि हादसे के समय मेले में करीब दो हज़ार लोग मौजूद थे. मेले का सोमवार को आख़िरी दिन था और इसी कारण वहाँ भीड़ ज़्यादा थी. मेले में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगी हुई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें कराची में भगदड़, कई मरे09 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस झोपड़ पट्टी में लगी आग, पाँच की मौत04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश की मिल में आग, 50 की मौत24 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस मेले में भगदड़, 300 से अधिक मौतें26 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में आग, 40 बारातियों की मौत11 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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