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सलमान को ज़मानत, जेल से रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जोधपुर की अदालत से ज़मानत मिलने के बाद सलमान ख़ान को जेल से रिहा कर दिया गया है. उन्हें शिकार मामले में पाँच साल की सज़ा सुनाई गई थी. उन्हें दो लाख रुपए के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है. साथ ही उनसे 25 हज़ार रुपए जुर्माना अदा करने को कहा गया है. सलमान ख़ान के वकील ने निचली अदालत के फ़ैसले को चुनौती दी थी और मानवीय आधार पर उन्हें ज़मानत पर रिहा करने को कहा था. अदालत ने सलमान ख़ान को चिंकारा के शिकार के मामले में दोषी क़रार देते हुए पाँच साल जेल और 25 हज़ार जुर्माने की सज़ा सुनाई थी. फ़ैसले के बाद सलमान ख़ान को जोधपुर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया था जहाँ उन्होंने तीन रातें गुजारीं. चिंकारा के शिकार का मामला 1998 का है. सलमान पर आरोप है कि उन्होंने 1998 में फ़िल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान चिंकारा को मारा था. जोधपुर में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने सोमवार को सलमान खान को वन्य जीव संरक्षण क़ानून के तहत शिकार का दोषी क़रार दिया है और सज़ा सुनाई. वन्य जीवन क़ानून की धारा 51 और 52 के तहत अधिकतम छह साल की सज़ा का प्रावधान है. सलमान खान के ख़िलाफ़ काले हिरण के शिकार के सिलसिले में भी एक मामला चल रहा है. यह मामला जोधपुर की एक अदालत में लंबित है और जल्द ही इस मामले में भी सुनवाई शुरू होने वाली है. | इससे जुड़ी ख़बरें सलमान ख़ान को पाँच साल की जेल10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस जेल भेजने के फ़ैसले पर स्थगन आदेश10 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस सलमान को एक साल की जेल की सज़ा17 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन ...बेहतर होता फाँसी पर ही लटका देते12 जनवरी, 2006 | मनोरंजन 'टेप में सलमान ख़ान की आवाज़ नहीं'16 सितंबर, 2005 | मनोरंजन पुलिस ने सलमान के फ़ोन रिकॉर्ड किए थे20 जुलाई, 2005 | मनोरंजन सलमान टेप की जाँच के आदेश20 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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