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बातचीत में शामिल नहीं होगा हिज़बुल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर के प्रमुख चरमपंथी संगठन हिज़बुल मुजाहिदीन ने कश्मीर समस्या को सुलझाने के लिए बातचीत में सीधी भागीदारी से इंकार किया है. संगठन ने भारत सरकार के उस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है जिसमें कहा गया था कि वे हथियार छोड़कर बातचीत में शामिल हों. उल्लेखनीय है कि मीडिया में ख़बरें आई थीं कि हिज़बुल के प्रमुख और चरमपंथी संगठनों के गठबंधन यूनाइटेड जेहाद काउंसिल के नेता सैयद सलाहुद्दीन के हवाले से कहा गया था कि यदि भारत सरकार कश्मीर को समस्या के रुप में स्वीकार कर लेती है तो वे समझौते के लिए तैयार हैं. हिज़बुल मुजाहिदीन के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को फ़ैक्स से भेजे गए एक बयान में कहा है कि सलाहुद्दीन के इंटरव्यू को ग़लत ढंग से पेश किया गया. प्रवक्ता ने कहा है, "भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही वार्ता निरर्थक है और इससे भारत कोशिश कर रहा है कि उसे कुछ समय और मिल जाए." बयान में कहा गया है, "सैयद सलाहुद्दीन ने निश्चित रुप से एक सार्थक वार्ता की बात कही थी लेकिन इसका मतलब यह था कि पहले भारत पहले कश्मीर को समस्या के रुप में स्वीकार करे और त्रिपक्षीय वार्ता के लिए तैयार हो." हिज़बुल मुजाहिदीन की ओर से प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि यदि भारत कश्मीर को समस्या के रुप में स्वीकार करते हुए त्रिपक्षीय वार्ता के लिए राज़ी हो जाता है तो भी हिज़बुल मुजाहिदीन सीधे वार्ता में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा है कि चरमपंथी एक ऐसी वार्ता के पक्षधर हैं जो आज़ादी की लड़ाई में शामिल किसी वास्तविक राजनीतिक नेता के माध्यम से हो. हथियार छोड़ने की संभावना से इंकार करते हुए संगठन ने कहा है कि दुनिया का इतिहास गवाह है कि किसी भी सार्थक बातचीत के लिए हथियार छोड़ने की कोई शर्त ज़रुरी नहीं होती. | इससे जुड़ी ख़बरें चरमपंथियों को मुशर्रफ़ की चेतावनी24 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस अपराधों की रोकथाम पर सहमति22 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीरी नेताओं की इस्लामाबाद में बैठक10 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'कश्मीरी नेताओं का सहयोग चाहिए'25 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस आतंकवाद-मादक पदार्थों पर चर्चा हुई 29 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस उच्च स्तरीय बातचीत से समाधान: मुशर्रफ़15 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस '...गांधी जी भी दहशतगर्द थे'27 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस चरमपंथी सोच पर हावी स्थानीय पहलू20 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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