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जया बच्चन की सदस्यता संकट में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़िल्म अभिनेत्री जया बच्चन की राज्यसभा सदस्यता संकट में पड़ गई है. चुनाव आयोग ने उन्हें लाभ के पद के कारण सदस्यता के अयोग्य करार दिया है. चुनाव आयोग ने जया बच्चन की राज्यसभा उम्मीदवार की अयोग्य करार दिया है. आयोग ने एक याचिका पर यह सिफ़ारिश राष्ट्रपति को की है. ग़ौरतलब है कि जया बच्चन समाजवादी पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुनी गईं थीं. चुनाव आयोग ने जया बच्चन को इस आधार पर राज्यसभा के अयोग्य ठहराया है कि वह उत्तर प्रदेश विकास निगम के अध्यक्ष पद पर रहते हुए सांसद निर्वाचित हुईं थीं. जया बच्चन ने इस फ़ैसले पर आपत्ति प्रकट की और आरोप लगाया कि कांग्रेस के इशारे पर यह याचिका दाखिल की गई थीं. उन्होंने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अदालत में जाने की घोषणा की है. आयोग में ऐसी ही एक और याचिका दाखिल की गई है जिसमें समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह की राज्यसभा सदस्यता को चुनौती दी गई है. अमर सिंह उत्तर प्रदेश विकास परिषद के अध्यक्ष हैं. समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने इसे साजिश करार दिया है और कहा है कि पार्टी इसका जवाब देगी. संविधान के तहत राष्ट्रपति चुनाव आयोग से विचार विमर्श कर किसी सांसद की योग्यता पर फ़ैसला करता है. विधि विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति चुनाव आयोग की सिफ़ारिश के आधार पर कार्रवाई करते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें जया बच्चन राज्य सभा की उम्मीदवार12 जून, 2004 | भारत और पड़ोस नजमा हेपतुल्ला भाजपा की उम्मीदवार10 जून, 2004 | भारत और पड़ोस राज्यसभा चुनाव पर रोक हटी09 जून, 2004 | भारत और पड़ोस सदनों की बैठक हंगामे के बीच स्थगित10 जून, 2004 | भारत और पड़ोस निराश नहीं हैं युवा सांसद09 जून, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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