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राज्यसभा चुनाव पर रोक हटी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यसभा के 65 सदस्यों के चुनाव पर लगी रोक हटा ली है. न्यायालय ने इन सीटों पर होनेवाले चुनाव पर चार जून को रोक लगा दी थी. 21 जून को राज्यसभा की 57 सीटों पर नियमित और आठ सीटों पर उपचुनाव होना है. चुनाव आयोग ने इस रोक के ख़िलाफ़ अदालत में याचिका दायर की थी. सर्वोच्च न्यायालय ने ये रोक राज्य सभा के पूर्व सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर की याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई थी. कुलदीप नैयर ने अपनी याचिका में राज्य सभा के चुनावों की उम्मीदवारी को लेकर किए गए संशोधन पर आपत्ति जताई थी. अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई जारी रखी है मगर 21 जून को होनेवाले चुनाव पर लगी रोक हटा ली है. याचिका नए नियमों के अनुसार भारत के किसी भी हिस्से में रहने वाला व्यक्ति किसी भी राज्य से नामांकन दाखिल कर सकता है और वहाँ से राज्य सभा का सदस्य हो सकता है. कुलदीप नैयर का कहना था कि यह संशोधन देश की संघीय धारणा के ख़िलाफ़ है और इस तरह के नियम से राज्य सभा में सभी राज्यों के प्रतिनिधित्व नहीं हो सकेगा. उनका कहना था कि राज्य सभा में रहने वाले व्यक्ति को उस राज्य का मूल निवासी होना चाहिए. |
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