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राज्य सभा चुनाव पर 14 जून तक रोक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सभा के आज से होने वाले द्विवार्षिक चुनावों पर 14 जून तक के लिए रोक लगा दी है. देश भर की 65 सीटों के लिए होने वाले इन चुनावों के लिए आज ही अधिसूचना जारी की गई थी. राज्य सभा के पूर्व सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने यह रोक लगाई है. उन्होंने राज्य सभा के चुनावों की उम्मीदवारी को लेकर किए गए संशोधन पर आपत्ति जताते हुए यह याचिका दायर की थी. नए नियमों के अनुसार भारत के किसी भी हिस्से में रहने वाला व्यक्ति किसी भी राज्य से नामांकन दाखिल कर सकता है और वहाँ से राज्य सभा का सदस्य हो सकता है. कुलदीप नैयर का कहना है कि यह संशोधन देश की संघीय धारणा के ख़िलाफ़ है और इस तरह के नियम से राज्य सभा में सभी राज्यों के प्रतिनिधित्व नहीं हो सकेगा. उनका कहना है कि राज्य सभा में रहने वाले व्यक्ति को उस राज्य का मूल निवासी होना ज़रुरी होना चाहिए. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रूमा पाल और न्यायमूर्ति बीएन अग्रवाल की सदस्यता वाले दो सदस्यीय पीठ ने इस मामले की सुनवाई की. न्यायालय ने चुनाव आयोग को पार्टी बनाते हुए नोटिस जारी किया है. आयोग से कहा गया है कि यदि आयोग ने इस चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है तो इसका गजट में प्रकाशन न किया जाए और यदि प्रकाशन हो गया है तो इस पर अमल न किया जाए. |
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