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हुर्रियत गुट का बैठक में आने से इनकार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में कश्मीरी अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े ने भारतीय प्रधानमंत्री की ओर से गोलमेज़ बैठक के प्रस्ताव का निमंत्रण ठुकरा दिया है. भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हुर्रियत नेताओं को इस महीने की 24 तारीख़ को जम्मू कश्मीर के विभिन्न पक्षों की एक व्यापक बैठक बुलाई थी. इसमें अलगाववादी दलों के अलावा सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था. हुर्रियत के उदारवादी गुट के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूख़ ने कहा है कि बैठक के लिए ये सही समय नहीं है. उन्होंने श्रीनगर में एक पत्रकारवार्ता में कहा कि गोलमेज परिषद से किसी तरह का कोई निष्कर्ष नहीं निकल सकता. उन्होंने कहा कि ऐसी किसी बैठक से पहले भारत और पाकिस्तान तथा भारत सरकार और कश्मीरी नेताओं के बीच हो रही वार्ताओं का कोई निष्कर्ष निकलना ज़रूरी है. मगर उमर फ़ारूख़ ने स्पष्ट किया कि उनका गुट बातचीत की प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रहा. सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व वाला हुर्रियत का दूसरा कट्टर गुट पहले ही भारत सरकार का प्रस्ताव अस्वीकार कर चुका है. | इससे जुड़ी ख़बरें जम्मू कश्मीर पर 24 को व्यापक बैठक15 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर पर अमरीकी मध्यस्थता की अपील14 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस मीरवाइज़ ने की जम्मू में पहली रैली02 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस भारत और पाकिस्तान की कश्मीर पर चर्चा 18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस मनमोहन और सज्जाद लोन की मुलाक़ात14 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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