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रिहायशी इलाकों में व्यवसाय बंद होंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में अवैध कब्ज़ों को लेकर कड़ा रुख अपनाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के रिहायशी इलाक़ों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि रिहायशी इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियाँ बंद करवाएँ. इसके अनुसार अब लोगों के घरों में चल रहे ब्यूटी पार्लर से लेकर बूटीक और एसटीडी पीसीओ सब बंद हो जाएँगे. इसका सबसे अधिक असर दक्षिण दिल्ली के उन इलाक़ों में होने की संभावना है जिसे धनाड्य लोगों का इलाक़ा माना जाता है. मुख्यन्यायाधीश वाईके सभरवाल की अध्यक्षता वाले एक पीठ ने ये फ़ैसला देते हुए कहा है कि ये रिहायशी इलाक़ों को दुरुपयोग है. अदालत ने दिल्ली नगर निगम से कहा है कि पहले वह ऐसे प्रतिष्ठानों की सूची बनाने के बाद उसे प्रकाशित करे और संबंधित लोगों को जवाब देने के लिए 30 दिनों का समय दें. अदालत ने कहा है कि जिन लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया है उनके ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम के आयुक्त को दो हफ़्तों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें दिल्ली के अवैध निर्माणों पर कड़ा रुख़18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में अतिक्रमण हटाओ अभियान19 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस संपत्ति पर मुलायम-अखिलेश को नोटिस09 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सरकारी बंगले खाली करवाने के निर्देश24 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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