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सरकारी बंगले खाली करवाने के निर्देश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में सरकारी बंगलों में नियम-क़ायदे के ख़िलाफ़ रह रहे लोगों से बंगला खाली करवाए. अदालत ने नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा है कि बंगलों को खाली करवाने के लिए जो नियम बनाए गए हैं वे प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं. नियमों के ख़िलाफ़ सरकारी बंगलों में रह रहे लोगों में बिहार के राज्यपाल बूटा सिंह, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत शामिल हैं. न्यायमूर्ति बीएन अग्रवाल और न्यायमूर्ति एके माथुर के दो सदस्यीय पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए हैं. पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए पूछा, "बूटासिंह को बिहार के राज्यपाल हैं वे यहाँ किसी बंगले पर कब्ज़ा कैसे कर सकते हैं." जिन लोगों पर सरकारी बंगलों पर नियमों के ख़िलाफ़ रहने का आरोप है उनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, जसवंत सिंह, कांग्रेस के तीन महासचिव शामिल हैं. इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव के नाम पर आबंटित बंगला भी अभी खाली नहीं हुआ है. हालांकि यह कोई फ़ैसला नहीं था और अभी इस मामले की सुनवाई 16 नवंबर को होनी है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'बिहार विधानसभा भंग करना असंवैधानिक'07 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस शंकराचार्यों को सुप्रीम कोर्ट से राहत05 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस स्वतंत्रता सेनानी होने के 'झूठे दावे'24 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस दाग़ी मंत्रियों पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल01 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस 'पेट्रोल पंप लेना हो तो इस्तीफ़ा दें'18 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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