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ईरान गैस पाइप लाइन पर चर्चा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान शुक्रवार को ईरान से आने वाली गैस पाइप लाइन परियोजना पर चर्चा कर रहे हैं. इसके लिए पाकिस्तान के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री अमानुल्ला ख़ान दिल्ली में हैं. सात अरब डालर की इस परियोजना पर ऐसे समय में चर्चा होने जा रही है जब परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान के ऊपर आर्थिक प्रतिबंध का ख़तरा मंडरा रहा है. उधर अमरीका भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों को संकेत दे चुका है कि वो इस परियोजना के पक्ष में नहीं है. लेकिन दोनों देशों अब तक कहते आए हैं कि ये उनकी अर्थव्यवस्था से जुड़ा अहम मसला है. इस परियोजना के तहत ईरान से पाइप लाइन के ज़रिए गैस पाकिस्तान और भारत पहुँचाई जाएगी. जैसा कि पेट्रोलियम सचिव एमएस श्रीनिवासन ने बताया, "मुख्य मुद्दा गैस की क़ीमत और परियोजना के ढाँचे का है." परियोजना के ढाँचे को लेकर पाकिस्तान और भारत तीनों देशों का एक समूह बनाने पर विचार कर रहे हैं और योजना है कि हर देश परियोजना के अपने हिस्से का निर्माण ख़ुद करेगा. पेट्रोलियम सचिव के मुताबिक़ भारत और पाकिस्तान इस पर चर्चा करेंगे. क़ीमत को लेकर ज़रुर ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि अब ईरान का रुख़ हो सकता है कि भारत के प्रति वैसा दोस्ताना न हो जैसा इस परियोजना की चर्चा शुरु होने के समय था. उल्लेखनीय है कि इस बीच भारत ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मसले पर ईरान का साथ देने की बजाय अमरीका का साथ देना अपने हित में माना है. इस बात को लेकर भारत में राजनीतिक बहस चल रही है कि क्या भारत परमाणु संधि को लेकर अमरीका के दबाव में है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भारत-ईरान रिश्तों पर असर पड़ेगा'04 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'पाइपलाइन पर जल्दबाज़ी नहीं:अज़ीज़'21 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस गैस समझौते पर असर नहीं:ईरान 28 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस गैस पाइपलाइन पर भारत-पाक वार्ता12 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस गैस पाइप लाइनों के लिए चर्चा को मंज़ूरी09 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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