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गैस पाइपलाइन पर भारत-पाक वार्ता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान से आने वाली गैस पाइपलाइन पर चर्चा के लिए भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की बैठक चल रही है. दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक में गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए समय सारिणी बनाने के अलावा सुरक्षा जैसे कई व्यावहारिक मसलों पर बात होने की संभावना है. 4.1 अरब डालर के ईरान-पाकिस्तान-भारत पाइपलाइन को सिद्धांत रुप से मंज़ूर किया जा चुका है. इस बैठक में भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की ओर से अधिकारियों का दल चर्चा करने जा रहा है जिसका नेतृत्व दोनों देशों के पेट्रोलियम सचिव कर रहे हैं. इसे ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप का नाम दिया गया है. इस बैठक से पहले पाकिस्तान के पेट्रोलियम सचिव अहमद वकार ने भारत के पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर से मुलाक़ात की. परियोजना
ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन की कुल लंबाई 2600 किलोमीटर की है जिसमें से 760 किलोमीटर पाकिस्तान से होकर गुज़रेगा. वर्ष 2009-10 तक इस परियोजना के पूरे हो जाने की संभावना है. परियोजना पूरी हो जाने के बाद इससे 15 करोड़ क्यूबिक मीटर गैस प्रतिदिन मिलेगी जिसमें से एक तिहाई गैस का उपयोग पाकिस्तान करेगा और शेष का उपयोग भारत करेगा. पाकिस्तान के पेट्रोलियम सचिव वकार के अनुसार पाकिस्तान और ईरान के बीच पिछले हफ़्ते एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं जिसमें बाद में भारत को भी शामिल कर लिया जाएगा. |
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