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"भारत बातचीत के लिए आगे आए"
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि भारत को दक्षिण एशिया क्षेत्र में शांति की ख़ातिर पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए आगे आना चाहिए. जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस्लामी देशों के संगठन ओआईसी की मलेशिया में हुई बैठक में शुक्रवार को यह बात कही. इस्लामी देशों का यह सम्मेलन इस घोषणा के साथ संपन्न हुआ कि इराक़ में जितनी जल्दी हो सके सत्ता इराक़ी लोगों को सौंप देनी चाहिए. लेकिन सम्मेलन में इराक़ से अमरीकी सैनिकों की वापसी के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित किए जाने के बारे में कुछ नहीं कहा गया. पिछले तीन वर्षों में मुस्लिम देशों के नेताओं का यह सबसे बड़ा सम्मेलन था जिसमें 57 देशों ने हिस्सा लिया. बीबीसी के मलेशिया संवाददाता का कहना है कि सम्मेलन में ख़ास बात ये थी कि लोगों का ज़्यादा ध्यान इस ओर था कि क्या नहीं कहा गया. इराक़ इराक़ से अमरीकी सैनिकों की वापसी की समय-सीमा तय करने की माँग भी नहीं की गई क्योंकि इराक़ की अंतरिम शासन परिषद ने इसका विरोध किया था.
सम्मेलन में इराक़ का प्रतिनिधित्व इसी परिषद ने किया था जिसका गठन अमरीका ने किया है. परिषद के नेता आयद अलावी का कहना था कि फिलहाल कोई इराक़ी सेना नहीं है जो अमरीकी सैनिकों की जगह ले सके इसलिए ऐसे हालात में अमरीकी सेना की वापसी ख़तरनाक होगी. परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि यह बहुत सही वक़्त है कि हम बातचीत शुरु करें क्योंकि उसी रास्ते से हमारे तमाम विवादों का हल निकल सकता है. "अगर बातचीत बंद रहेगी तो इससे न सिर्फ़ भारत और पाकिस्तान दोनों देशों को नुक़सान होगा बल्कि पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा." |
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