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नेपाल में देखते ही गोली मारने के आदेश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल सरकार ने सुरक्षाबलों को आदेश दिए हैं कि बुधवार को होनेवाले स्थानीय चुनाव में गड़बड़ी करनेवालों के ख़िलाफ़ वे कड़ी कार्रवाई करें. नेपाल के गृहमंत्री कमल थापा ने पत्रकारों को बताया कि मतदान में बाधा डालनेवालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं. माओवादी विद्रोहियों और विपक्षी दलों ने म्युनिसिपल चुनाव नहीं होने देने की धमकी दी है जिसके बाद नेपाल सरकार ने ये क़दम उठाया है. चुनाव से पहले नेपाल में दो प्रत्याशियों की हत्या भी हो चुकी है. नेपाल में सरकार ने देखते ही गोली मारने के आदेश ऐसे दिन जारी किए हैं जब नेपाल के वरिष्ठ माओवादी नेता प्रचंड ने सरकार के साथ बिना शर्त बातचीत का प्रस्ताव दोहराया है. सरकार का कहना है कि म्युनिसिपल चुनावों से अगले वर्ष संसदीय चुनाव का रास्ता खुलेगा. नेपाल में पिछले तीन वर्ष से स्थानीय और राष्ट्रीय चुनाव लंबित हैं. माओवादी विद्रोहियों के संघर्ष के कारण ये चुनाव नहीं कराए जा सके हैं. मगर विद्रोही और विपक्षी दल ये कहते हुए चुनाव का विरोध कर रहे हैं कि दरअसल इन चुनावों के माध्यम से नेपाल नरेश सत्ता पर अपनी पकड़ को मज़बूत करना चाह रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें माओवादियों ने रखा बातचीत का प्रस्ताव07 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में हड़ताल से जनजीवन प्रभावित05 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में एक और उम्मीदवार की हत्या03 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में विरोध प्रदर्शन और हिंसा01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल नरेश ने कहा, चुनाव नहीं रुकेंगे01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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