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अफ़ग़ानिस्तान में मुठभेड़ में 20 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में हिलमंद प्रांत में तालेबान विद्रोहियों और अफ़ग़ान सैनिकों के बीच हुई मुठभेड़ में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है. हिलमंद के डिप्टी गर्वनर ने बीबीसी को बताया कि एक समय तो क़रीब 100 अफ़ग़ान सैनिकों को 200 से अधिक तालेबान विद्रोहियों ने घेर लिया था. इसके बाद बड़ी संख्या में अफ़ग़ान सैनिक वहाँ पहुँचे तभी जाकर तालेबान का घेरा तोड़ा जा सका. अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता ने काबुल में बताया कि अमरीकी विमानों ने भी अफ़ग़ान सैनिकों की मदद की. डिप्टी गवर्नर हाजी मुल्ला मीर ने कहा कि अब तक मिली सूचना के अनुसार 16 तालेबान लड़ाके और तीन सैनिक मारे गए हैं. कंधार से बीबीसी के संवाददाता पॉल वुड का कहना है कि पिछले दो वर्षों में अफ़ग़ान सैनिकों और तालेबान के बीच यह सबसे ज़ोरदार लड़ाई है. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जबकि ब्रिटेन ने अपने 3300 सैनिकों को हिलमंद में तैनात करने की घोषणा की है ताकि पुनर्निर्माण का काम सुचारू रूप से चल सके. मुल्ला मीर ने कहा कि अफ़ग़ान सैनिक वहाँ से पीछे हट गए हैं क्योंकि लड़ाई जारी रहने पर स्थानीय नागरिकों के निशाना बनने का ख़तरा था. कुछ ही दिनों पहले एक अफ़ग़ान राहतकर्मी को हिलमंद में तालेबान छापामारों ने मार डाला था. | इससे जुड़ी ख़बरें छह संदिग्ध चरमपंथी मारे गए14 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस कंधार में हमले में तीन सैनिकों की मौत16 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अमरीकी सैनिक को कारावास की सज़ा28 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सहायता प्रयास बढ़ाने का आहवान31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान को अब 10.5 अरब डॉलर02 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हमले में कनाडा के राजनयिक की मौत15 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस मुल्ला उमर ने करज़ई का न्योता ठुकराया09 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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