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सुप्रीम कोर्ट को जवाब न देने का फ़ैसला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में संसद में धन लेकर सवाल पूछने के मामले में 11 सांसदों को बर्ख़ास्त करने के सदन के फ़ैसले का सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन किया है. बर्ख़ास्त सांसदों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को नोटिस जारी किया था और उस पर विचार के लिए सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी. लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि सभी दलों की राय थी कि बर्ख़ास्तगी के मामले में अध्यक्ष को न तो सुप्रीम कोर्ट के नोटिस का जवाब देना चाहिए और न ही अदालत में पेश होना चाहिए. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने इस मामले पर लोक सभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया था, लेकिन भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा की भी राय थी कि सदन का फ़ैसला सर्वोपरि है. लेकिन मल्होत्रा का सुझाव था कि अध्यक्ष को खुद पेश होने की ज़रूरत नहीं है लेकिन एक सरकारी वकील उनकी बात अदालत में रख सकता है. इस मामले में लोकसभा ने 10 सांसदों और राज्यसभा के सदस्य की सदस्यता समाप्त करने का फ़ैसला किया था. बवाल पिछले महीने एक टीवी चैनल ने 11 सांसदों को सवाल पूछने के बदले कथित रूप से घूस लेते हुए दिखाया था. उसके बाद मचे बवाल के बाद दोनों सदनों में विशेष समितियों का गठन हुआ था जिन्होंने सांसदों के बर्ख़ास्तगी की सिफ़ारिश की थी. और फिर उस पर मतदान के बाद यह तय हुआ था कि सांसदों की सदस्यता समाप्त कर दी जानी चाहिए. इसके बाद बर्ख़ास्त सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया और अदालत ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी कर दिया. सांसदों का मत था कि यह सब संसद के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप है, क्योंकि 1990 के दशक में झारखंड मुक्ति मोर्चा से संबद्घ एक महत्वपूर्ण फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट भी यह कह चुका है कि संसद के भीतर की गतिविधियों के बारे में अदालतों की कोई भूमिका नहीं है. अध्यक्ष ने इस बात को रेखांकित किया कि वो टकराव का रास्ता नही अपना रहे हैं. लेकिन पिछले कुछ महीनो में यह दूसरी बार हुआ है कि सांसदों को अदालत के रवैये पर आपत्ति रही. जब अदालतों ने निजी शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण के प्रस्ताव पर आपत्ति व्यक्त की थी तब भी संसद ने नया क़ानून पारित करना उचित समझा था. अब इस पर लोगों की नज़रें लगी हुई हैं कि कहीं संसद और न्यायपालिका किसी टकराव की ओर तो नहीं बढ़ रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सोमनाथ को सुप्रीम कोर्ट से भी नोटिस16 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस चुनाव आयोग को सूचित किया जाएगा23 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस सांसदों के निष्कासन की सिफ़ारिश22 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस रिश्वत मामले से जुड़े सांसद बर्ख़ास्त23 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस किसने कितने रुपए की घूस ली12 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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