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रेल सेवा अजमेर तक बढ़ाने का प्रस्ताव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों के बीच तीसरे दौर की बातचीत में भारत ने नियंत्रण रेखा के आसपास सुरक्षा चौकियां स्थापित न करने का प्रस्ताव रखा है. साथ ही भारत ने मुनाबाव-खोखरापार रेल सेवा को अजमेर तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है ताकि पाकिस्तान से आनेवाले श्रद्धालुओं को अजमेर शरीफ़ तक आने में तकलीफ़ न हो. मनाबाव और खोखरापार के बीच एक फ़रवरी से रेल सेवा शुरू होनी है. भारत का सुझाव था कि नियंत्रण रेखा के आसपास सुरक्षा चौकियाँ स्थापित न की जाएँ और नियंत्रण रेखा पर ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग हो. मंगलवार से नई दिल्ली में शुरू हुई विदेश सचिव स्तर की बातचीत में पहले दिन शांति और सुरक्षा पर चर्चा हुई. बुधवार को कश्मीर पर चर्चा होगी. बलूचिस्तान का मसला दो दिनों तक चलने वाली इस बातचीत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश सचिव श्याम सरन और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रियाज़ मोहम्मद ख़ान कर रहे हैं. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया कि पाकिस्तान ने परमाणु मसले पर आपसी समझ बढ़ाने के लिए कुछ नए सुझाव पेश किए हैं. लेकिन प्रवक्ता ने इनकी जानकारी देने से इनकार किया और कहा कि अभी इन पर चर्चा होनी है. पाकिस्तान ने बलूचिस्तान पर भारत के बयान का मसला उठाया और इसे अंदरूनी हस्तक्षेप माना. भारत ने इसे बेबुनियाद बताया और कहा कि भारत का हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं था, उसने केवल पड़ोस की घटनाओं पर चिंता जाहिर की थी. भारत ने दूसरी ओर चरमपंथ की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जाहिर की. इस बातचीत के दौरान अब तक भरोसा बढ़ाने की दिशा में उठाए गए क़दमों की समीक्षा भी की गई और दोनों पक्षों ने इसे संतोषजनक पाया. इसमें रेल सेवा, बस सेवा और पाँच स्थानों पर नियंत्रण रेखा खोले जाने पर चर्चा हुई. मुंबई और कराची में वाणिज्य दूतावास खोलने में आ रही कठिनाइयों पर भी बातचीत हुई. विदेश सचिव स्तर की बातचीत बुधवार को भी जारी रहेगी और इसमें नशीली दवाओं की तस्करी, सियाचिन और कश्मीर पर चर्चा होने की उम्मीद है. | इससे जुड़ी ख़बरें इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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