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सामरिक मुद्दों पर भारत-चीन वार्ता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और चीन के अधिकारियों के बीच सामरिक महत्व के मुद्दों पर बीजिंग में दूसरे दौर की वार्ता हो रही है. वार्ता में भारतीय पक्ष का नेतृत्व श्याम सरन कर रहे हैं जबकि चीन की तरफ़ से उप विदेश मंत्री वु दावेइ बातचीत में हिस्सा ले रहे हैं. पिछले वर्ष चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के भारत दौरे के बाद दोनों पक्षों के बीच पहली बार सामरिक मुद्दों पर वार्ता हो रही है. पिछले अप्रैल में चीनी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के समय दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में सहयोग को सामरिक स्तर तक ले जाने का फ़ैसला किया था. भारत और चीन के बीच सामरिक संबंधों पर पहले दौर की वार्ता पिछले वर्ष 24 जनवरी को दिल्ली में हुई थी. समाचार एजेंसी पीटीआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि ताज़ा दौर की बातचीत में दोनों देशों के बीच ऐसे द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहनता से बात हो सकती है जिनसे दोनों के आपसी हित जुड़े हों. पीटीआई के अनुसार ऐसी भी संभावना है कि विदेश सचिव श्याम सरन अपने दौरे में संयुक्त राष्ट्र में सुधार के बारे में भी चीनी अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे. इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सीट की दावेदारी का मुद्दा भी हो सकता है. चीन कहता रहा था कि वह भारत की दावेदारी का समर्थन करता है लेकिन भारत की जापान से निकटता देखते ही वह पीछे हट गया क्योंकि जापान से उसके संबंध अच्छे नहीं हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत चीन सीमा विवाद सुलझाएँगे15 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस सहयोगी हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं- जियाबाओ12 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस चीनी प्रधानमंत्री वेन ज़ियाबाओ दिल्ली में10 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस चीनी प्रधानमंत्री की बंगलौर यात्रा09 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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