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सहयोगी हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं- जियाबाओ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने भारत यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि इससे बहुत अच्छे नतीजे सामने आए हैं. उनका कहना था कि जब वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ थे तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनसे कहा था, "प्रधानमंत्री जी, दरअसल हम दोनो इतिहास रच रहे हैं." प्रधानमंत्री जियाबाओ ने पत्रकारों से कहा, "भारत और चीन भाई है. हम इस रिश्ते को एक नए स्तर पर ले गए हैं." उनका कहना था, "कुछ लोगों का कहना है कि भारत और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा है. मैं ऐसा नहीं मानता. चीन और भारत मित्र हैं, पड़ोसी हैं और सहयोगी हैं. वे प्रतिद्वंद्वी नहीं हैं." भारतीय प्रौद्योगिकी संस्था (आईआईटी) में छात्रों को संबोधित करते हुए उनका कहना था कि भारत आना तो घर जाने जैसा है. दोनो देशों ने सन 2010 तक अपना वार्षिक व्यापार तीस अरब डालर करने का निश्चय किया है. उन्होंने दोहराया कि चीन अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की भूमिका को बहुत महत्व देता है. उनका कहना था, "हम संयुक्त राष्ट्र समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बड़ी भूमिका निभाने की इच्छा को समझते है और उसका समर्थन करते हैं." |
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