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चीनी प्रधानमंत्री वेन ज़ियाबाओ दिल्ली में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की चार दिन की यात्रा कर रहे चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने सूचना प्रौद्योगिकी या आईटी क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग का आह्वान किया है. रविवार को जियाबाओ ने बंगलौर में कुछ प्रमुख कंपनियों का दौरा किया. बंगलौर दौरे के बाद जियाबाओ भारतीय नेताओं से मिलने दिल्ली पहुँच गए हैं. चीन के विदेश मंत्री ली ज़ाओज़िंग भी उनके साथ दौरे पर हैं. चीनी प्रधानमंत्री सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विदेश मंत्री नटवर सिंह से मिलेंगे. उन्होंने रविवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात की. समझा जा रहा है कि सोमवार को भारतीय नेताओं के साथ उनकी मुलाक़ात में आपसी महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा होगी जिसमें सीमा विवाद और मुक्त व्यापार जैसे विषय भी शामिल हो सकते हैं. सहयोग चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ अपनी बंगलौर यात्रा के प्रारंभिक चरण में रविवार को बंगलौर पहुँचे और वहाँ सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कुछ प्रमुख कंपनियों का दौरा किया. समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने वहाँ भारत की सबसे बड़ी सॉफ़्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) तथा चीन की बड़ी दूरसंचार कंपनी हुवेई टेक्नोलॉजीज़ की भारत स्थित कंपनी का दौरा किया. एजेंसियों के अनुसार टीसीएस में अधिकारियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा,"भारत और चीन में बहुत सारे बुद्धिमान लोग हैं और विश्व में हमारे लिए आईटी का बहुत बड़ा बाज़ार बनता जा रहा है". वेन जियाबाओ ने उम्मीद जताई कि अगर भारत और चीन आईटी क्षेत्र में सहयोग करते हैं तो दोनों देश दुनिया में आईटी उद्योग के अगुआ बन सकते हैं. वेन जियाबाओ दक्षिण एशियाई देशों के दौरे के तहत श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश होते हुए भारत की यात्रा पर पहुँचे हैं. |
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