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शुक्रवार, 30 दिसंबर, 2005 को 03:45 GMT तक के समाचार
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'पार्टी के हिसाब से चलेंगे वाजपेयी'
वाजपेयी
वाजपेयी ने सत्ता की राजनीति छोड़ने की घोषणा मुंबई में की
पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी की सत्ता की राजनीति छोड़ने की घोषणा के बाद भाजपा का कहना है कि वाजपेयी पार्टी के हिसाब से चलेंगे.

पार्टी के उपाध्यक्ष मुख़्तार अब्बास नक़वी ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा कि वाजपेयी जी पार्टी के निर्णय से बँधे हुए हैं और जो भी पार्टी तय करेगी वे उसी के हिसाब से चलेंगे.

नक़वी ने कहा, "जहाँ तक सत्ता की राजनीति से अलग होने का प्रश्न है तो अटल जी कभी अपनी इच्छा से सत्ता की राजनीति में न रहे हैं और न ही अपनी इच्छा से सत्ता की राजनीति छोड़ने के लिए पार्टी उन्हें अनुमति देगी."

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पहले भी ऐसी घोषणा कर चुके हैं लेकिन बाद में दबाव के आगे झुकते हुए उन्होंने इसे वापस ले लिया है.

मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि वाजपेयी जी ने अपनी भावना व्यक्त की है. लेकिन अटल जी पार्टी के निर्णय के साथ बँधे हुए हैं.

 जहाँ तक सत्ता की राजनीति से अलग होने का प्रश्न है तो अटल जी कभी अपनी इच्छा से सत्ता की राजनीति में न रहे हैं और न ही अपनी इच्छा से सत्ता की राजनीति छोड़ने के लिए पार्टी उन्हें अनुमति देगी
मुख़्तार अब्बास नक़वी, पार्टी उपाध्यक्ष

पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि वाजपेयी जी ने स्पष्ट किया है कि वे पार्टी के लिए संघर्ष करते रहेंगे और काम जारी रखेंगे.

जावड़ेकर ने कहा, "वाजपेयी जी हमें मार्गदर्शन देते रहेंगे. उन्होंने सिर्फ़ ये कहा है कि वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते. लेकिन इस बारे में विस्तार से वे अपने समापन भाषण में चर्चा करेंगे."

मुंबई में चल रहे पार्टी के रजत जयंती अधिवेशन का शुक्रवार को आख़िरी दिन है और अटल बिहारी वाजपेयी इसमें समापन भाषण करने वाले हैं. अब सबकी नज़रे उनके समापन भाषण पर टिकी हुई हैं.

घोषणा

गुरुवार को मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान पर पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सत्ता की राजनीति न करने की घोषणा की.

अपने छोटे से भाषण में वाजपेयी ने कहा कि वे अब कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन पार्टी के लिए काम करते रहेंगे.

वाजपेयी ने जब यह घोषणा की, उस वक्त कुछ क्षणों के लिए मंच और सभा में सन्नाटा-सा छा गया.

अपने भाषण में वाजपेयी ने रामायण के एक प्रसंग का ज़िक्र करते हुए कहा, "मैं परशुराम की तरह राज्याभिषेक के प्रसंग से अब अपने को अलग कर लेता हूँ, अब मैं चुनाव नहीं लडूँगा. मैं काम करूंगा लेकिन सत्ता की राजनीति नहीं करूंगा."

अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण से पहले भाजपा नेता प्रमोद महाजन ने कहा था कि अब पार्टी में दूसरी पीढ़ी के नेता तैयार हो चुके हैं.

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