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वाजपेयी के भाषण बिना ही अधिवेशन ख़त्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठतम नेता अटलबिहारी वाजपेयी के भाषण के बिना ही पार्टी का रजत जयंती अधिवेशन शुक्रवार को समाप्त हो गया. भाजपा इस वर्ष अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर अपनी रजत जयंती मना रही है और इसी के कारण मुंबई में रजत जयंती अधिवेशन का आयोजन किया गया. इस अधिवेशन का समापन भाषण पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देना था पर उनके भाषण के बिना ही समापन समारोह संपन्न हो गया. पार्टी महासचिव प्रमोद महाजन ने बाद में बताया कि वाजपेयी थोड़े अस्वस्थ हैं इसीलिए उन्होंने समापन भाषण नहीं दिया. समापन समारोह में वाजपेयी मंच पर तो आए पर कुछ देर बाद ही उठकर चले गए. हालांकि प्रमोद महाजन ने बताया कि अटल के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है और वह शाम को दिल्ली लौट रहे हैं. समापन भाषण वाजपेयी की जगह पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने दिया. ग़ौरतलब है कि पूरे रजत जयंती अधिवेशन के दौरान वाजपेयी केवल एक बार बोले और वह भी गुरुवार को मुंबई के शिवाजी मैदान में भाजपा की आम सभा में. अपने इस बमुश्किल साढ़े चार मिनट के भाषण में वाजपेयी ने घोषणा भी की तो अपने सक्रिय राजनीति से सन्यास लेने की. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पार्टी के हिसाब से चलेंगे वाजपेयी'30 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वाजपेयी ने सक्रिय राजनीति से सन्यास लिया29 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'सत्ता की राजनीति' नहीं करेंगे वाजपेयी29 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस हिंदुत्व की ओर लौटने का ज़िक्र नहीं29 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भाजपा अधिवेशन में अध्यक्ष मुद्दा27 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'संघ के कारण है भाजपा'26 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस कार्यकारिणी बैठक के साथ अधिवेशन शुरू26 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भाजपा का रजत जयंती अधिवेशन शुरू26 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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