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अफ़गानिस्तान में 30 साल बाद संसद का सत्र | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़गानिस्तान में तीस साल के बाद फिर एक बार संसद का सत्र शुरु होगा. युद्ध से छिन्न भिन्न हो चुके इस देश में 30 साल से कोई ऐसी सरकार नहीं बन पाई थी जो संसद का सत्र बुलाती. भारतीय समय के अनुसार काबुल में संसद का सत्र नौ बजे शुरु होगा जिसमें 350 सांसद शामिल होंगे. उम्मीद की जा रही है कि इसमें अमरीकी उप राष्ट्रपति डिक चेनी और कई विदेशी राजनेता भी शिरकत करेंगे. इसके लिए कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं. पिछले एक साल में तालिबान ने एक बार फिर हमले करने शुरु कर दिए हैं. 2001 में तालिबान का ख़ात्मा हुआ था जिसके बाद इस साल सितंबर में अफ़गानिस्तान में चुनाव हुए थे.
काबुल में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी अफगानिस्तान के सांसदों को बहुत कुछ साबित करना है और जनता उन्हें शक की निगाह से देखती है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को वर्तमान सरकार का पूरा समर्थन मिला हुआ है और कोशिश की जा रही है कि देश में संस्थानों का जल्दी से जल्दी विकास किया जाए. माना जा रहा है कि संसद के सत्र की शुरुआत देश का झंडा फहरा कर की जाएगी जिसके बाद राष्ट्रपति हामिद करज़ई सभी सांसदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. राष्ट्रपति ने सोमवार को राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर दिया है और वो इस अवसर पर भाषण भी देंगे. संसद के निचले सदन में एक तिहाई महिला सांसद हैं. पिछले हफ्ते सभी सांसदों ने संसद की कार्यवाही संबंधी एक कोर्स किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें काबुल में आत्मघाती हमले, तीन की मौत14 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भारतीय ड्राइवर की तलाश जारी21 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'शव जलाने के मामले में सैनिक निर्दोष'26 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान को सहायता जारी रहेगी'01 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस तालेबान के हमलों में 10 की मौत10 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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