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लोकसभा के सांसदों ने जवाब सौंपे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोक सभा की जाँच समिति ने संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में जिन 10 सांसदों को जवाब तलब किया था, उन सभी ने अपने जवाब सौंप दिए हैं. इस जाँच समिति को लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने नियुक्त किया था और अब यह समिति इन जवाबों पर विचार करेगी. लोक सभा की जाँच समिति के अध्यक्ष पवन कुमार बंसल ने पत्रकारों को बताया,'' सभी 10 सांसदों ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है.'' समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार आरजेडी सांसद मनोज कुमार ने सबसे पहले मंगलवार को जवाब दाखिल किया था. लेकिन इस बात की जानकारी नहीं लगी है कि सांसदों ने क्या दलीलें दी हैं. इसमें भाजपा के पाँच, बीएसपी के तीन और कांग्रेस और आरजेडी का एक-एक सदस्य शामिल है. लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कुछ सांसदों के घूस लेने के मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जाँच के लिए एक पाँच सदस्यीय समिति गठित कर दी थी. इस समिति में पवन बंसल (कांग्रेस), वीके मल्होत्रा (भाजपा), प्रोफ़ेसर रामगोपाल यादव (समाजवादी पार्टी), मोहम्मद सलीम (सीपीएम) और सी कुप्पसामी (डीएमके) सांसद हैं. पवन बंसल इस समिति के अध्यक्ष हैं. इस समिति से कहा गया है कि वो 21 दिसंबर को शाम चार बजे तक अपनी रिपोर्ट संसद में रख दे और इसकी अनुशंसा पर संसद में विचार हो. इस समिति का फ़ैसला आने तक इस मामले में फँसे सांसदों के सदन में आने तक रोक लगा दी गई है. राज्यसभा से निलंबित इसके पहले भारतीय संसद में सवाल उठाने के लिए घूस देने का मामला सामने आने के बाद राज्यसभा ने भारतीय जनता पार्टी के सदस्य छत्रपाल सिंह लोधा को मंगलवार को निलंबित कर दिया.
छत्रपाल सिंह उन 11 सांसदों में से एक हैं जिन्हें संसद में सवाल पूछने के लिए पैसे लेते कैमरे में पकड़ा गया था. राज्यसभा की आचरण समिति के प्रमुख कर्ण सिंह ने एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें छत्रपाल सिंह को अपने आचरण पर सफ़ाई पेश करने के लिए 48 घंटे का समय दिया है. इस दौरान उन्हें सदन से निलंबित कर दिया गया है. इस प्रस्ताव को सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया. आचरण समिति छत्रपाल सिंह के जवाब के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करेगी. राज्यसभा के सभापति भैरोंसिंह शेखावत ने इस मामले को सोमवार को आचरण समिति के हवाले कर दिया था. मामला उल्लेखनीय है कि एक टेलीविज़न चैनल ने एक वीडियो टेप का प्रसारण किया था जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को संसद में प्रश्न पूछने के लिए घूस लेते दिखाया गया था. इन 11 सांसदों में छह भारतीय जनता पार्टी के, तीन बहुजन समाज पार्टी के, एक-एक सांसद कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के हैं. टीवी चैनल 'आजतक' ने मीडिया कंपनी 'कोबरा पोस्ट' के साथ मिलकर यह ख़ुफ़िया रिकॉर्डिंग की है. इसे चैनल ने 'ऑपरेशन दुर्योधन' का नाम दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें भाजपा सांसद राज्यसभा से निलंबित13 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भाजपा के छह सांसद निलंबित12 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस जाँच के लिए लोकसभा की समिति12 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस सवाल पूछने के लिए सांसदों ने घूस ली?12 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस तहलका के टेप असली हैं: विशेषज्ञ21 जून, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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