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पाकिस्तान ने बुश समर्थक कविता हटाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सरकार अपने देश में एक स्कूल की पाठ्यपुस्तक में से उस कविता को निकालने जा रही है जिसकी सभी पंक्तियों के पहले अक्षर को जोड़ने से वह 'प्रेसीडेंट जॉर्ज डब्ल्यू बुश' बन जाता है. 'द लीडर' शीर्षक वाली ये कविता हाल ही में 16 वर्ष के बच्चों के लिए लाई गई अंग्रेज़ी की एक नई पुस्तक में दिखी थी. आलोचकों का मत है कि ये कविता अमरीकी राष्ट्रपति की प्रशस्ति के समान है. छंदों में रचित ये कविता एक व्यक्ति की व्याख्या यूँ करती है - "वो जो फ़ौलाद के समान ठोस है, अपने इरादों पर मज़बूत है". पाकिस्तानी अधिकारी अभी ये नहीं बता पा रहे हैं कि ये कविता पाठ्यक्रम में कैसे शामिल हो गई. अगले वर्ष इस पुस्तक का नया संशोधिक संस्करण आएगा और उससे पहले छात्रों को इस कविता को किताब में होने के बावजूद उसकी उपेक्षा करनी होगी. मुश्किल परिस्थिति
इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस अजीबोगरीब घटनाक्रम से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समझ में नहीं आ रहा है कि वे क्या तर्क दें. पहले उन्होंने ये कहा कि ये केवल संयोगमात्र है कि ये कविता पाठ्यपुस्तक में छप गई. लेकिन अगले ही दिन अधिकारियों ने कहा कि संभवतः किसी पाठ्यपुस्तक लेखक से ये कविता इंटरनेट से डाउनलोड हो गई और बाद में पाठ्यपुस्तक समिति ने उसके प्रकाशन को स्वीकृति दे दी. फिर शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये कविता वाकई एक अच्छे नेता का बहुत बढ़िया वर्णन है और शायद इसी कारण से ये कविता किताब में छप गई.. लेकिन स्थानीय मीडिया में इस कविता को लेकर पाकिस्तान सरकार की ख़ूब खिंचाई हुई. विपक्ष के कुछ नेताओं ने कहा कि ये कविता इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान सरकार अमरीका की जी-हुज़ूरी करने के लिए किस हद तक जा सकती है. पाकिस्तान सरकार ने जान-बूझकर राष्ट्रपति बुश के गुणगान का प्रयास करने से इनकार किया है. उसने कहा है कि पाठ्यपुस्तक से कविता हटा ली जाएगी और इस कविता को पाठ्यपुस्तक में शामिल करने के ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें नेताओं का नेता- कौन है 'द लीडर'?01 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना पुलिस को कुछ 'पाकिस्तानियों' की तलाश25 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना 'आतंकवाद के सामने नहीं झुकेंगे'15 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना भारत-अमरीका बातचीत में ईरान छाया21 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना जिहाद फैलाने की कोशिश का आरोप23 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना महिलाओं की दुनिया किसके हाथ में30 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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