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जिहाद फैलाने की कोशिश का आरोप | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैलीफ़ोर्निया में पाकिस्तानी मूल के एक व्यक्ति पर अमरीका में जिहाद फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है. उसे 31 साल की क़ैद हो सकती है. हामिद हयात नामक इस 23 वर्षीय व्यक्ति पर चरमपंथियों का सहयोग करने के आरोप के अलावा संघीय ख़ुफ़िया ब्यूरो(एफ़बीआई) से झूठ बोलने के भी दो अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं. एफ़बीआई के अनुसार पूछताछ के दौरान हामिद ने पाकिस्तान में अल क़ायदा के शिविर में प्रशिक्षण लेने की बात स्वीकार की. उसने कहा कि जिहाद छेड़ने के लिए वो अमरीका आया था. हालाँकि हामिद के वकील का कहना है कि उसके दावे के समर्थन में कोई सबूत मौजूद नहीं हैं. हामिद के रिश्तेदारों ने भी उसके चरमपंथियों से संबंध होने के आरोप को ग़लत बताया है. पिता भी गिरफ़्तार हामिद हयात के ख़िलाफ़ दायर चार्जशीट में कहा गया है कि उसने मार्च 2003 से जून 2005 के बीच चरमपंथी कार्रवाइयों में सहयोग किया. यदि आरोप सही पाए गए तो उसे अधिकतर 31 साल क़ैद की सजा हो सकती है. हामिद को इसी साल जून में कैलीफ़ोर्निया की राजधानी सैक्रेमेंटो से 60 किलोमीटर दूर लोदी नामक शहर में गिरफ़्तार किया गया था. हामिद के साथ उसके पिता उमर को भी गिरफ़्तार किया गया था. उन पर भी एफ़बीआई से झूठ बोलने का आरोप लगाया गया है. शुक्रवार को दोनों सैक्रेमेंटो की एक अदालत में उपस्थित हुए. |
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