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पाकिस्तान ने अमरीका से विरोध जताया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सरकार ने आरोप लगाया है कि अमरीकी जाँच एजेंसी एफ़बीआई ने अपने एक नक़ली अभियान में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी दूत मुनीर अकरम की ज़िंदगी को ख़तरे में डाला है. पाकिस्तान ने कहा है कि एफ़बीआई ने एक नक़ली अभियान में मुनीर अकरम की हत्या की योजना दिखाई थी. पाकिस्तान ने इस मामले को बहुत ही गंभीर बताते हुए इस पर अमरीका सरकार के साथ विरोध दर्ज कराया है. पाकिस्तान सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस अभियान से मुनीर अकरम की ज़िंदगी ख़तरे में पड़ गई थी. एफ़बीआई के इस अभियान में एक मस्जिद में दो ऐसे इमामों को पकड़ा गया जो एक चरमपंथी को धन देने की कोशिश करते हैं. असल में यह चरमपंथी अमरीकी सरकार का एक एजेंट होता है. एफ़बीआई के इस अभियान में धन के बदले में यह चरमपंथी कंधे से छोड़ी जाने वाली मिसाइल के ज़रिए पाकिस्तानी दूत की हत्या करने का भरोसा दिलाता है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने इस नक़ली अभियान को बहुत ही ग़ैरज़िम्मेदार बताया है. झटका लगा संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी दूत को एफ़बीआई के नक़ली अभियान में निशाना बनाने की घटना से पाकिस्तान सरकार को बड़ा झटका लगा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने इस अभियान को बहुत ही ख़तरनाक और ग़ैरज़िम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा है कि हवाला धन का इस्तेमाल करने वालों को पकड़ने के लिए जिस तरह से पाकिस्तानी दूत के नाम का इस्तेमाल किया गया है उससे न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के दफ़्तर में पाकिस्तानी कर्मचारियों को ख़तरा पैदा हो गया है. मसूद ख़ान ने कहा कि एफ़बीआई के इस नक़ली अभियान में एक ऐसे एक ऐसे देश के दूत को ख़तरा दिखाया गया गया जो अमरीका का सहयोगी देश है. उन्होंने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि एफ़बीआई ने इस अभियान के लिए किसी अमरीकी अधिकारी का ही नाम क्यों इस्तेमाल नहीं किया. |
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