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पाकिस्तान ने सूचना मुहैया कराई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान का कहना है कि अमरीका में संभावित चरमपंथी हमलों के बारे में पुख़्ता सूचना उस चरमपंथी की जाँच से मिली है जिसे अल क़ायदा के साथ संबंध होने के शक में पिछले सप्ताह गिरफ़्तार किया गया था. पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने अहमद ख़लफ़ान घाईलानी से बरामद कंप्यूटर फ़ाइलों के बारे में ज़्यादा विवरण तो नहीं दिया लेकिन कहा कि अमरीका का कुछ इमारतों पर संभावित हमलों के बारे में पुख़्ता जानकारी मिली है. ग़ौरतलब है कि अमरीका ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले राजधानी वाशिंगटन और न्यूयॉर्क की कुछ महत्वपूर्ण इमारतों पर अल क़ायदा के हमलों की आशंका जताई है. इन आशंकाओं के मद्देनज़र देश में सुरक्षा 'उच्च दर्जे' तक बढ़ा दी गई है. अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि हमलों की अल क़ायदी की योजना के बारे में ठोस ख़ुफ़िया सूचनाएँ मिली हैं. गिरफ़्तारी पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा कि अहमद ख़लीफ़ान का कंप्यूटर एक मुठभेड़ के बाद बरामद किया गया जिसमें अमरीका की कुछ इमारतों पर हमले का प्रस्ताव भेजा गया लगता है. उन्होंने कहा कि तंज़ानियाई मूल के अहमद ख़लीफ़ान घाईलानी के कंप्यूटर और अन्य स्रोतों से मिली तमाम जानकारी संबंधित देशों को भेज दी गई है. तंज़ानियाई मूल के अहमद ख़लीफ़ान घाईलानी की तलाश कई मामलों में थी जिनमें पूर्वी अफ्रीका में अमरीकी दूतावास पर 1998 में हुआ हमला भी शामिल है. ख़लीफ़ान को 25 जुलाई को पाकिस्तान में गिरफ़्तार किया गया था. इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि संदिग्ध दस्तावेज़ सौंपे जाने के बाद अमरीकी ख़ुफ़िया अधिकारी तमाम सूचनाओं में छिपे ख़तरे को भाँप सके हैं. |
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