|
भारतीय नागरिक मिसाइल सौदे का दोषी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में एक भारतीय नागरिक को विमान भेदी मिसाइल ख़रीदने में इस्तेमाल के लिए लाखों डॉलर ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से बाहर भेजने का दोषी पाया गया है. चालीस वर्षीय मोइनुद्दीन अहमद हमीद ने अदालत में माना था कि वह धन बाहर भेजने का कारोबार बिना लाइसेंस के ही कर रहे थे. अमरीकी के संघीय जाँच ब्यूरो (एफ़बीआई) ने ब्रिटेन के एक संदिग्ध हथियार विक्रेता हेमंत लखानी को मिसाइल बेचने के आरोप में न्यू जर्सी में गिरफ़्तार किया था. लखानी की गिरफ़्तारी के बाद ही हमीद पर भी एफ़बीआई ने आरोप दायर किए थे. हमीद ने यह तो स्वीकार किया है कि उन्होंने इस बारे में धन का स्थानांतरण तो किया लेकिन वह यह नहीं जानते थे कि इस धन का इस्तेमाल किसलिए होगा. अभियोजन पक्ष ने भी यह स्वीकार किया है कि हमीद धन को बाहर भेजने वाले एक बिचौलिया भर हैं और उन्हें यह पता नहीं था कि वह धन किसलिए भेजा जा रहा है. अमरीका की एक अदालत ने हमीद को दोषी पाया है और उन्हें छह जुलाई को सज़ा सुनाई जाएगी. मौजूदा क़ानून के मुताबिक़ हमीद को पाँच साल की क़ैद और ढाई लाख डॉलर तक का जुर्माना भी हो सकता है. हमीद उन तीन लोगों में से एस हैं जिन्हें एफ़बीआई और ब्रिटेन और रूस की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने संयुक्त अभियान में गिरफ़्तार किया था. लखानी भारत में जन्मे 68 वर्षीय लंदन के निवासी हेमंत लखानी को एफ़बीआई एक एजेंट ने ख़ुद को एक मुस्लिम आतंकवादी बताकर पिछले साल अगस्त में न्यूयॉर्क हवाई अड्डे पर गिरफ़्तार किया था. लखानी पर आरोप है कि वह कंधे पर रखकर चलाई जाने वाली 50 मिसाइलें बेचने की कोशिश कर रहे थे. इन मिसाइलों से यात्री विमानों को भी मार गिराया जा सकता है. लखानी पर यह भी आरोप हैं कि उन्होंने विमान भेदक तोपें, टैंक, बख़्तरबंद वाहन, राडार प्रणाली, सी-4 विस्फोटक और रेडियोधर्मिता वाले बम भी बेचने की पेशकश की थी. लेकिन लखानी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए ख़ुद को निर्दोष बताया है. लखानी इस महीने की 26 तारीख़ को फिर से अदालत में पेश होंगे और अगर वह दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें 25 साल की क़ैद भी हो सकती है. लखानी पर आरोप है कि वह अपने ग्राहकों को रूस में बनी विमान भेदी मिसाइल बेचना चाहते थे और इस बारे में भी नुस्ख़े देते थे कि अमरीका को किस तरह आतंकित किया जा सकता है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||