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वोल्कर पर सदन में फिर हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संसद के दोनों सदनों, लोक सभा और राज्यसभा में शुक्रवार को वोल्कर मामले को लेकर भारी हंगामा हुआ. राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी और लोक सभा की कार्यवाही साढ़े तीन बजे तक रोकनी पड़ी. विपक्षी एनडीए नेता सोनिया गांधी का राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के अध्यक्ष पद से और नटवर सिंह का मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा माँग रहे थे. ग़ौरतलब है कि नटवर सिंह ने वोल्कर समिति की रिपोर्ट से उठे विवाद के बाद विदेश मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और अब वो बिना विभाग के मंत्री हैं. लोक सभा में एनडीए नेता सोनिया गांधी के इस्तीफ़े की माँग करते हुए अध्यक्ष के आसन के नज़दीक आ गए. उनके नारों का जवाब सत्तापक्ष की ओर से भी दिया गया. लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सदस्यों से कई बार शांति बनाए रखने का अनुरोध किया लेकिन कोई असर होता न देखकर उन्होंने लोक सभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और बाद में साढ़े तीन बजे तक स्थगित कर दी. राज्यसभा में हंगामे के बाद कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. वोल्कर रिपोर्ट पर हंगामे की वजह से दोनों सदनों की बैठक गुरुवार को भी स्थगित करनी पड़ी थी. काम रोको प्रस्ताव नामंज़ूर इधर लोक सभा अध्यक्ष ने विपक्ष के वोल्कर और मित्रोख़िन दस्तावेज़ों को लेकर पेश किए काम रोको प्रस्ताव को नामंज़ूर कर दिया है.
उल्लेखनीय है कि "द मित्रोख़िन आर्काइव -II : द केजीबी एंज द वर्ल्ड" नाम की किताब में कहा गया है कि भारत के कई राजनीतिज्ञों और अधिकारियों को केजीबी से ख़ुफ़िया सूचनाओं के लिए धन दिया जाता था. अध्यक्ष ने अपनी व्यवस्था में कहा है कि ये विषय केंद्र सरकार से संबंधित नहीं हैं और न ही ये हाल की घटनाएं हैं. उनका कहना था कि न ही ये मामले सरकार की सीधी ज़िम्मेदारी में आते हैं. अध्यक्ष ने कहा कि इस संबंध में दिए नोटिस किसी एक मामले से जुड़े नहीं है इसलिए सब कामकाज रोक कर चर्चा करना उचित नहीं है. सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि उन्होंने विजय कुमार मल्होत्रा और उनके साथी संतोष गंगवार का वोल्कर रिपोर्ट पर नियम 184 के तहत चर्चा का नोटिस स्वीकार कर लिया है जिसके तहत चर्चा के बाद मत-विभाजन भी होता है. लेकिन गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घोषणा की थी कि सरकार वोल्कर रिपोर्ट पर 'आज और अभी' बहस करवाने के लिए तैयार है. एक बयान में प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में हंगामे और कार्यवाही न चल पाने को दुर्भाग्यपूर्ण ठहराया था. इराक़ में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में घोटाले के मामले में पॉल वोल्कर की रिपोर्ट में भारत के नटवर सिंह और कांग्रेस पार्टी को भी कथित रुप से धन दिए जाने का ज़िक्र किया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'हंगामा दुर्भाग्यपूर्ण, बहस को तैयार'24 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस संसद में काम रोको प्रस्ताव का नोटिस23 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस जयपाल से छिना सूचना प्रसारण मंत्रालय18 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मामले की तह तक जाएँगे: प्रधानमंत्री 08 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वोल्कर मामले की न्यायिक जाँच घोषित07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नटवर पर गिरी गाज, विदेश मंत्रालय छिना07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वोल्कर रिपोर्ट पर फ़ैसला जल्द: सरकार03 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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