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अब न्यायिक हिरासत में अबू सालेम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए माफ़िया सरगना अबू सालेम को विशेष अदालत ने सात दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है. इसके पहले अबू सलेम के वकील ने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें मुंबई की आर्थर रोड जेल में न रखा जाए क्योंकि उन्हें वहाँ जान का ख़तरा है. उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाए तो सालेम को इस जेल में रहने पर भी आपत्ति नहीं है. अबू सालेम गिरफ़्तारी की बाद 11 नवंबर से सीबीआई की हिरासत में हैं. इसके पहले उन्होंने मुंबई बम धमाकों में अपनी भूमिका होने की बात स्वीकार कर ली थी. अबू सालेम के वकीलों ने बीबीसी संवाददाता को बताया था कि केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई ने विशेष आतंकवाद विरोधी अदालत में एक इक़बालिया बयान पेश किया. हालांकि अबू सालेम के वकीलों का कहना है कि उनके मुवक्किल से यह इक़बालिया बयान दबाव में लिया गया है. दस दिन पहले अबू सालेम को पुर्तगाल से भारत लाया गया था और रविवार की शाम तक अबू सालेम यही कहते रहे थे कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं. सालेम के वकील अशोक सरावगी ने कहा कि रविवार को अपने वकीलों से हुई मुलाक़ात में भी उन्होंने दोहराया था कि वे निर्दोष हैं. आम तौर पर पुलिस को दिए गए बयान को अदालत में सबूत नहीं माना जाता लेकिन आतंकवाद विरोधी अदालत में जाँच एजेंसी को दिया गया बयान स्वीकार किया जाता है. अबू सालेम के खिलाफ़ आरोपों की सूची काफ़ी लंबी है, सिर्फ़ मुंबई में ही उनके ख़िलाफ़ हत्या, धमकी देने और जबरन वसूली जैसे अपराधों के 25 से अधिक मामले दर्ज हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सालेम के बचाव के लिए यूरोपीय वकील 21 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अबू सालेम का 'इक़बालिया बयान'21 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मोनिका को न्यायिक हिरासत में भेजा गया12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस पूछताछ में मौजूद रहने की अनुमति नहीं17 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अब्दुल क़यूम अंसारी उर्फ़ अबू सालेम 11 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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