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मौसम साफ़ हुआ, राहत फिर शुरु | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में मौसम में सुधार के साथ ही उम्मीद जागी है और भूकंप पीड़ित लोगों को सहायता पहुँचाने का काम एक बार फिर शुरु हो गया है. ख़राब मौसम की वजह से हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे थे जिससे लोगों को राहत सामग्री नहीं पहुँच पा रही थी. मौसम विभाग ने साफ़ मौसम रहने की सूचना दी है. नौ दिन पहले आए भूकंप की वजह से इस इलाक़े में भारी तबाही हुई थी और जैसी की ख़बरें हैं अब तक इससे 53 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. बारिश और तूफ़ान ने राहत कार्य कर रहे सभी हेलिकॉप्टरों को उड़ान भरने से रोक रखा था. पाकिस्तान सेना का कहना है कि दो मुख्य सड़कें अभी भी भूस्खलन के कारण बंद हैं. दो दिनों तक ख़राब मौसम के बाद सोमवार की सुबह जब मौसम साफ़ हुआ तो हेलिकॉप्टरों ने मुज़फ़्फ़राबाद और भूकंप पीड़ित दूसरे इलाक़ों की ओर उड़ान भरना शुरु कर दिया है. हज़ारों लोग पहाड़ी इलाक़ों में पिछली कई रातों से खुले में ही रातें बिता रहे हैं. अब राहत का कार्य संचालित कर रहे अधिकारियों पर दबाव है कि वे पहाड़ों पर रह रहे भूकंप पीड़ितों को राहत पहुँचाने और घायलों बाहर निकालने का इंतज़ाम करें. ख़बरें हैं कि घायल लोगों में संक्रमण फैल रहा है. बीबीसी के संवाददाता माइक वुलरिच का कहना है कि हालांकि मुज़फ़्फ़राबाद में एक अस्पताल स्थापित किया गया है लेकिन अमरीकियों को उम्मीद है कि वे जल्दी ही एक मोबाइल अस्पताल स्थापित कर सकेंगे जो दूरस्थ इलाक़ों में मदद पहुँचा सकेगा. नक्शे पर भूकंप प्रभावित इलाक़े-
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