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चुनाव आयोग के 281 पर्यवेक्षक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार विधानसभा के चार चरणों में कराए जा रहे चुनाव के लिए भारतीय चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए 281 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं. चुनाव आयोग सूत्रों के अनुसार बिहार के सभी 243 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए एक-एक केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त होंगे. इसके अलावा हर ज़िले में एक-एक यानी कुल 38 पर्यवेक्षक ख़ास तौर पर उम्मीदवारों के चुनाव ख़र्च पर नज़र रखने के लिए नियुक्त किए गए हैं. सर्दी के मौसम में जल्दी सूर्यास्त को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने पहले दो चरणों में मतदान का समय सुबह साढ़े सात बजे से शाम साढ़े चार बजे तक रखा है, जबकि बाद के दो चरणों में वोटिंग सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक होगी. बिहार के सवा पाँच करोड़ से ज़्यादा मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग 50 हज़ार से ज़्यादा मतदान केंद्रों की व्यवस्था की है. पूरे राज्य में इलेक्ट्रानिक वोटिंग की व्यवस्था की गई है. नक्सली हिंसा की आशंका को देखते हुए आयोग ने गया ज़िले में वोटिंग दो चरणों में कराने की घोषणा की है. पहले गया की सभी 10 सीटों पर पहले चरण में 18 अक्तूबर को वोटिंग कराने का कार्यक्रम था, लेकिन अब ज़िले की चार सीटों पर 21 अक्तूबर को मतदान कराए जाएँगे. मतदान के बाकी तीन चरण 26 अक्तूबर तथा 13 और 19 नवंबर को आयोजित किए जाएँगे. बिहार में विधानसभा की सभी 243 सीटों पर चुनाव कराए जा रहे हैं. इनमें से 39 सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं. सारी सीटों पर मतों की गिनती एक साथ 22 नवंबर को होगी. |
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