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ख़राब होते मौसम से सरकार चिंतित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर के भूकंप पीड़ित इलाक़ों में मौसम ख़राब होने के कारण चिंता जताई है. सरकार की ओर से छह गाँवों को गोद लेने की घोषणा की गई है. केंद्रीय गृहसचिव वीके दुग्गल ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में जिस तरह तापमान गिर रहा है उससे सरकार बेहद चिंतित है. उल्लेखनीय है कि कई इलाक़ों में बर्फ़बारी शुरु हो चुकी है और कई जगह बारिश हो रही है. दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा करते हुए वीके दुग्गल ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इन इलाक़ों में कपड़े, टेंट और कंबल आदि अतिशीघ्र पहुँचाने की कोशिश की जा रही है. उन्होने कहा कि अब तक 65 हज़ार कंबल पहुँचाए जा चुके हैं और इतने ही और जल्दी ही वहाँ भेजे जा रहे हैं. गृहसचिव का कहना था कि कुछ स्वयंसेवी संगठनों ने दस हज़ार गर्म कपड़े भिजवाए हैं. हालांकि भूंकप पीड़ित इलाक़ों से अभी भी ख़बरें आ रही हैं कि वहाँ राहत सामग्री की बहुत कमी है. गृहसचिव दुग्गल ने स्वीकार किया कि अभी भी तराई के कई इलाक़ों में पहुँचना संभव नहीं हो सका है. गाँव गोद लेंगे वीके दुग्गल ने कहा कि सरकार की ओर से छह गाँव गोद लिए जाएँगे. उड़ी और तंगधार के जिन छह गाँवों को गोद लिया जाएगा उन्हें आदर्श गाँवों की तरह विकसित किया जाएगा. इन छह गाँवों में से दो को सेना गोद लेगी जबकि वायुसेना, सीमा सुरक्षाबल, केंद्रीय रिज़र्व बल और भारत तिब्बत सीमा पुलिस एक-एक गाँव को गोद लेंगे. गृहसचिव ने स्पष्ट किया है कि इन गाँवों को गोद लेने के लिए खर्च की जाने वाली राशि केंद्र सरकार द्वारा जारी की रही राशि के अतिरिक्त होगी. |
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