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भूकंप राष्ट्रीय आपदा: मनमोहन सिंह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू कश्मीर राज्य में आए भूकंप को राष्ट्रीय आपदा बताया है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि यहाँ मरनेवालों की संख्या 1300 पहुँच गई है. इसके अलावा 32 हज़ार घर नष्ट हो गए हैं. इसमें से 15 हज़ार पूरी तरह नष्ट हो गए हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को उड़ी और तंगधार का दौरा किया और स्थिति का आकलन किया. प्रधानमंत्री का कहना था कि जम्मू कश्मीर के लोग अकेले नहीं हैं और हमें उनके प्रति ज़िम्मेदारियों का अहसास है. प्रधानमंत्री का कहना था कि सरकार की प्राथमिकता लोगों को टैंट, गरम कपड़े और खाना मुहैया कराने की है. मनमोहन सिंह का कहना था कि वह प्रयास करेंगे कि भारत प्रशासित कश्मीर और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के बीच जल्द टेलीफ़ोन संपर्क स्थापित हो सके. केंद्र की मदद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भूकंप राहत के लिए 500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता की घोषणा भी की. इसके पहले केंद्र सरकार 142 करोड़ रुपए की सहायता की घोषणा कर चुकी है. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद का कहना है कि केंद्र सरकार पूरी सहायता दे रही है. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार आर्थिक सहायता दे रही है, हमारे पास संसाधनों की कमी नहीं है." उन्होंने राहत और बचाव के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा,"हमारी सेना और राज्य के प्रशासन ने बहुत मुस्तैदी दिखाई है, बहुत जल्द हमने क़दम उठाए, इससे जल्द और नहीं हो सकता था." दुर्गम इलाक़ों में राहत नहीं पहुँचने की शिकायत के बारे में उन्होंने कहा, "जहाँ हम सड़क से नहीं पहुँच पा रहे हैं वहाँ हेलिकॉप्टर से खाने के पैकेट बाँटे जा रहे हैं, हमारी तरफ़ से कोई कमी नहीं है." |
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