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रसोई गैस की कमी नहीं: अय्यर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के कई हिस्सों में रसोई गैस की किल्लत चल रही है और यह मुद्दा केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी उठा. सूचना प्रसारण मंत्री जयपाल रेड्डी ने पत्रकारों को बताया कि पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने बताया कि देश में रसोई गैस की कमी नहीं है. लेकिन इसकी आपूर्ति को लेकर ज़रूर कुछ प्रशासनिक दिक्कतें आ रही हैं. पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने गुरुवार को सभी तेल कंपनियों की एक आपात बैठक बुलाई. मणिशंकर अय्यर ने घोषणा की कि एक कार्यदल गठित किया गया है जो रसोई गैस की कमी पर नज़र रखेगा. इस बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र की सभी कंपनियों इंडियन ऑइल कार्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और आईबीपी के अधिकारी हिस्सा लिया. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से देश की राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में लोगों को रसोई गैस नहीं मिल पा रही है और लोग दो-दो सौ रुपए अतिरिक्त देकर गैस सिलेंडर ख़रीद रहे हैं. सरकार का आरोप है कि कालाबाज़ारी और रसोई गैस का उपयोग दूसरे कामों में करने के कारण यह किल्लत हुई है. किल्लत ख़बरों के अनुसार रसोई गैस की इस किल्लत का असर चेन्नई, भोपाल और जयपुर सहित देश के कई हिस्सों में है लेकिन इसका ज़्यादा असर दिल्ली में है. दिल्ली में रसोई गैस के लिए कहीं सात दिन तो कहीं बीस दिन इंतज़ार करने को कहा जा रहा है. उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि कोई अतिरिक्त भुगतान करने को तैयार हो तो रसोई गैस आनन फ़ानन में भी उपलब्ध करवाई जा रही है. सरकार ने गैस डीलरों को इसके ख़िलाफ़ चेतावनी भी दे रखी है. अधिकारियों का कहना है कि घरेलू उपयोग के अलावा होटलों और औद्योगिक संस्थानों में इसके उपयोग और मोटर वाहनों में इसके उपयोग के कारण यह कमी पैदा हुई है. लेकिन माना जा रहा है कि इसके पीछे गैस आपूर्ति को नियंत्रित करने के सरकारी आदेश का भी असर है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थो की क़ीमत बढ़ने का भी प्रभाव पड़ा है. |
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