| चेन्नई में सुदर्शन ने दिखाई आँखें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख केएस सुदर्शन आँखे तरेरने के लिए प्रसिद्ध है. ऐसे कई अवसर आए जिसमें उन्होंने भाजपा नेताओं को आँखें दिखाईं हैं. इसमें भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी भी शामिल हैं. इधर भाजपा की कार्यकारिणी के दिन संघ के प्रमुख चेन्नई में आए हुए हैं लेकिन वो यहाँ किसी नेता को आँखे दिखाने नहीं आए हैं. पता चला कि वो यहाँ नेत्र चिकित्सालय में अपनी आँखे दिखाने के लिए आए हुए हैं. रोटी या चावल उत्तर भारत के नेता जब दक्षिण भारत में जुटते हैं, तो उसके सामने सबसे बड़ी समस्या क्या आती है. जी खाने की.ऐसा भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महसूस किया गया. भाजपा अभी तक उत्तर भारत की ही पार्टी मानी जाती थी, हालांकि उसने अब दक्षिण भारत में भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं. भाजपा कार्यकारिणी के सदस्यों के लिए उम्दा दक्षिण भारतीय खाने का इंतज़ाम किया गया है. इसमें चावल के कई व्यंजन शामिल थे. लेकिन बताते हैं कि कुछ सदस्यों ने खाने में उत्तर भारतीय खाने यानी दाल-रोटी की फरमाइश कर दी. इसका तुरत-फुरत इंतज़ाम किया गया. भाजपा पहले भी ऐसी परेशानी में फंस चुकी है. भाजपा ने 90 के दशक में चुनावों में राम, रोटी और इंसाफ़ का नारा दिया था. उत्तर भारतीय नेता तो इससे खुश हुए थे. लेकिन भाजपा के दक्षिण भारतीय नेताओं ने इस पर खासी आपत्ति जताई थी. इसके बाद पार्टी को दक्षिण भारत में अपने नारे को बदलना पड़ा था और इसे बदलकर राम, इडली और इंसाफ़ करना पड़ा था. दक्षिण के देव उत्तर भारत में इस समय देव सोए हुए हैं और शादी की कहीं कोई बात नहीं है. उत्तर भारत में तो कुछ दिनों में श्राद्धपक्ष शुरू होनेवाला है और उत्सव पर एक तरह से पाबंदी है. यहाँ तक कि नई ख़रीददारी पर एकदम बंद है. लेकिन दक्षिण में इस वक्त शादियों की धूम मची हुई है. वहाँ देव जागे हैं. भाजपा की कार्याकारिणी जिस सवेरा होटल में हो रही है, वहाँ एक दिन पहले तक शादी की दावतों की धूम मची हुई थी. पार्टी झंडे बैनर नहीं लगा पा रही थी क्योंकि शादी के पंडाल और सजावट से उसमें बाधा आ रही थी. अंतिम समय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने झंडे,बैनर और कटआउट लगाए. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||