BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 28 अगस्त, 2005 को 17:03 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
सरकार की उदासीनता से डॉक्टर भी दुखी

News image
मरीज़ों की संख्या बढ़ती जा रही है
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल इंस्टीयूट (एसजीपीजीआई) के चिकित्सा विशेषज्ञों के एक दल ने रविवार को गोरखपुर मेडिकल कालेज का दौरा किया.

इन डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकारी मशीनरी इसी तरह उदासीन बनी रही तो अगले दो हफ़्तों में यह महामारी नियंत्रण से बाहर हो जाएगी.

इस अस्पताल में आसपास के कई ज़िलों से इंसेफ़्लाइटिस के करीब 300 गंभीर मरीज़ भर्ती हैं. अभी तक इंसेफ़्लाइटिस के कारण 258 लोगों की मौत हो चुकी है.

हर डेढ़-दो घंटे बाद एक मौत, लोग कुछ देर रोते है छाती पीटते हैं- बेबस परिवार वाले लाश लेकर चले जाते हैं.

वार्ड में भर्ती बच्चों के माँ-बाप अपने जिगर के टुकड़े को छाती से लगाए, गोद में लिटाए कोई माथे पर बर्फ की पट्टी कर रहा है, कोई ग्लूकोज की बोतल पर निगाह लगाए है और कोई दौड़ के डॉक्टर के पास जा रहा है.

व्यथा

एक पिता इस तरह अपनी व्यथा सुना रहे हैं, "यह हमारा लड़का है. पहले बुख़ार हुआ उसके बाद किसी को पहचानता नहीं है कुछ और बोल देता है. इधर-उधर भागने लगता है."

पिछले 24 घंटों में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में जापानी इंसेफ़्लाइटिस के 46 नए मरीज़ भर्ती हुए हैं और 26 की मौत हो चुकी है। पिछले 29 जुलाई से अभी तक 258 लोग जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की हैं, मौत के शिकार हो चुके हैं.

इलाहाबाद, मेरठ, आगरा और दूसरे मेडिकल कॉलेज से आए डॉक्टर हर नये मरीज़ का हाल पूछकर नुस्खा लिखते हैं.

एक डॉक्टर शिकायत करते हैं कि नेता और अफ़सर वार्ड का दौरा करते हैं तो उनके काम में बाधा आती है.

लेकिन डॉक्टर मीडिया को अपना मददगार मान रहे हैं उनका कहना है कि मीडिया में हल्ला होने से सरकार ने ज़रूरी दवाएँ, आक्सीजन सिलिंडर और ग्लूकोज बोतलें बड़ी तादाद में मुहैया करा दी हैं.

लेकिन बाल रोग विभाग के डॉ. एके राठी का कहना है कि पूरी कोशिश के बाद भी एक तिहाई मरीज़ों की मौत हो रही है.

एहसास

डॉ. राठी ने बताया, "‘रोज़ 15-17 की मौत हो रही है अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद हम बचा नहीं पा रहे हैं. सामने इतनी मौतें हो रहीं हैं तो दुःख तो होता ही है पर दूर बैठे लोगों को शायद इसका एहसास न हो."

 "‘रोज़ 15-17 की मौत हो रही है अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद हम बचा नहीं पा रहे हैं. सामने इतनी मौतें हो रहीं हैं तो दुःख तो होता ही है पर दूर बैठे लोगों को शायद इसका एहसास न हो
डॉक्टर राठी

पूर्वांचल के कई ज़िलों, बिहार और सीमावर्ती नेपाल के लिए यही अस्पताल इंसेफ़्लाइटिस के मरीज़ों का केंद्र बन गया है, इसलिए हर कोई यहीं भागकर आ रहा हैं.

कई सालों की लिखापढ़ी के बाद अब मेडिकल कॉलेज में जापानी इंसेफ़्लाइटिस की जाँच की किट आ गई है.

पहले जाँच के नमूने लखनऊ, पूणे, और दिल्ली भेजे जाते थे. जाँच रिपोर्ट साल-छह महीने बाद मिलती थी.

पिछले तीन-चार दिनों की जाँच-पड़ताल में 60 फ़ीसदी जाँच नमूनों में जापानी इंसेफ़्लाइटिस वायरस की पुष्टि हुई है. लक्षणों के आधार पर डॉक्टर बाक़ी मरीज़ों को भी जापानी इंसेफ़्लाइटिस वायरस का शिकार मान रहे हैं.

जाँच

लेकिन एसजीपीजीआई. न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर प्रो. यूके मिश्रा का कहना है कि वे बाक़ी नमूने और गहराई से जाँच के लिए लखनऊ ले जाएँगे.

News image
मरने वालों में ज़्यादातर बच्चे हैं

प्रो मिश्रा ने कहा कि यहाँ के डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि 60 फ़ीसदी नमूनों में जापानी इंसेफ़्लाइटिस वायरस की पुष्टि हुई है.

उन्होंने बताया कि अब यह पता करना है कि बाक़ी नमूनों में कौन सा वायरस है. इसके लिए नमूनो को एसजीपीजीआई ले जाया जा रहा है, जहाँ गहराई से जाँच की बेहतर सुविधाएँ हैं.

एसजीपीजीआई में माइक्रोबॉयोलाजी के प्रोफ़ेसर टीएन ढोल इस बार मरीज़ों की भारी भीड़ देखकर दंग हैं. उनका कहना है कि सरकार के मंत्रियों और नौकरशाही को वास्तविकता का एहसास ही नही हैं, इसलिए उनको यहाँ वार्ड में मौक़ा-मुआयना के लिए मजबूर करें.

लेकिन गाँवो के जिन ग़रीब किसानों और मज़दूरों को यह नहीं पता कि इंसेफ़्लाइटिस मच्छर काटने से होती है और सुअर इसको बढ़ाते हैं वे क्या जाने कि मौलिक अधिकार और मानवाधिकार एक बुनियादी हक़ है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>