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'फाँसी के मामले में मनमोहन बात करेंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पंजाब के काँग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आश्वासन दिया है कि वह पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से सरबजीत सिंह को फाँसी दिए जाने के मामले में बात करेंगे. दूसरी ओर भारत में विदेश विभाग ने बताया है कि पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग इन प्रयासों में लगा है कि 'इस व्यक्ति से मिलकर' वस्तुस्थिति जानने की कोशिश की जा सके. पंजाब काँग्रेस के अध्यक्ष शमशेर सिंह दुलो ने पत्रकारों को बताया कि काँग्रेसी नेताओं से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि 'वो पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से बात करेंगे और सरकार सरबजीत सिंह की जान बचाने के लिए जो भी कर सकती है, करेगी.' उल्लेखनीय है कि पंजाब काँग्रेस के सांसदों और विधायकों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की. दूसरी ओर भाजपा और अकाली दल के सांसदों ने सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर के साथ विदेश मंत्री नटवर सिंह से मुलाक़ात की. मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बातचीत में दलबीर कौर ने कहा कि विदेश मंत्री ने इस मामले में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से बातचीत करने का आश्वासन दिया है. दलबीर कौर का कहना था कि बातचीत के बाद उन्हें उम्मीद की किरण नज़र आई है. पंजाब के काँग्रेस नेताओं ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की तो दूसरी ओर भाजपा और अकाली नेताओं ने विदेश मंत्री नटवर सिंह से मुलाक़ात की. नटवर सिंह से मुलाक़ात के बाद भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू का कहना था कि क़ानूनी लड़ाई तो समाप्त हो चुकी है और मानवीय आधार पर अपील करने की बात है. सिद्धू का कहना था कि सरकार का फ़र्ज बनता है कि वह मानवीय आधार पर इस मामले को पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाए. सरबजीत सिंह की बहन के साथ अकाली दल के नेता सुखदेव सिंह ढींढसा, भाजपा के अविनाश राय खन्ना और नवजोत सिंह सिद्धू मौजूद थे. यह मामला संसद में भी उठा और गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा, "सोमवार को विदेश मंत्री नटवर सिंह ने संसद को आश्वासन दिया था कि सरकार इस मामले में जो भी कर सकती है, वह करेगी.'' उच्चायोग की कोशिश दिल्ली में भारतीय विदेश विभाग के प्रवक्ता नवतेज सरना ने कहा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी मंजीत या सरबजीत से मिलने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने पत्रकारों को बताया, "भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने पाकिस्तान सरकार को अर्ज़ी दी है ताकि इस व्यक्ति से मिलकर वस्तुस्थिति का पता लगाया जा सके." नवतेज सरना ने कहा कि सिर्फ़ वही नहीं भारत ने 107 भारतीय कैदियों से उच्चायोग के द्वारा संपर्क करने के लिए अनुमति मांगी है. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि भारतीय जेलों में क़ैद दो सौ से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भी इसी तरह की सुविधा माँगी गई थी लेकिन भारत की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है. फाँसी की सज़ा ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान में कई बम विस्फोटों के आरोप में एक भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह को फाँसी की सज़ा सुनाई गई है.
सरबजीत सिंह के परिजनों का कहना है कि जिसे मंजीत सिंह कहा जा रहा है वह निर्दोष सरबजीत सिंह है और अधिकारियों ने ग़लत पहचान के आधार पर उसे पकड़ लिया है. पिछले सप्ताह पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने मंजीत सिंह की फाँसी की सज़ा को बरक़रार रखने का फ़ैसला सुनाया था. अधिकारियों का कहना है कि मंजीत सिंह पाकिस्तान में कई बम विस्फोटों के लिए ज़िम्मेदार हैं. लेकिन उनकी बहन का कहना है कि पाकिस्तान जिसको सज़ा देने जा रहा है वह वास्तव में एक खेतिहर मज़दूर है. |
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