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पाकिस्तान ने ब्रिटेन से आश्वासन माँगा
पाकिस्तान ने ब्रिटेन की सरकार से उन ख़बरों की जाँच करने के लिए कहा है जिनमें कहा गया था कि उसके लंदन स्थित उच्चायोग की वर्ष 2001 में ब्रिटिश ख़ुफ़िया एजेंसियों ने जासूसी की थी. साथ ही उसने यह आश्वासन देने को भी कहा है कि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों. हालाँकि पाकिस्तान और ब्रिटेन की सरकारों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है. लेकिन पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने इस मामले को उच्चतम स्तर तक उठाया है और अब वे ब्रिटेन की प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रहे हैं. ब्रिटेन के पाकिस्तान स्थित उच्चायुक्त मार्क लायल ग्रांट को मंगलवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय में बुलाया गया और उनसे पाकिस्तानी उच्चायोग की जासूसी करने संबंधी ख़बरों पर स्पष्टीकरण माँगा. ब्रिटेन के अख़बार संडे टाइम्स ने ख़बर छापी थी कि दो साल पहले ब्रिटेन की ख़ुफ़िया एजेंसी एमआई-5 ने लंदन के एक दूतावास में मरम्मत के दौरान जासूसी के उपकरण लगा दिए थे. लेकिन उसमें उस बात की जानकारी नहीं मिल पायी है कि पाकिस्तान ने इस ख़बर के बाद आधिकारिक पत्र मे क्या कहा. जाँच लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें लगता है कि 2001 में जासूसी उपकरण उन्हीं के उच्चायोग में लगाए गए थे. नाम न बताने की शर्त पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद कसूरी की ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ के साथ पिछले सप्ताह हुई मुलाक़ात के दौरान भी ये मामला उठा था. विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि वे ख़ुद इस मामले की जाँच कर रहे हैं, साथ ही उन्होंने ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय से इस मामले की जाँच करने को कहा है. सूत्रों का कहना है कि यदि ये ख़बरें सच निकलीं तो पाकिस्तान यह आश्वासन चाहेगा कि ऐसी घटना भविष्य में फिर न हो. |
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