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सरबजीत से मिलने की अनुमति दी गई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारियों को सज़ा-ए-मौत पाए भारतीय क़ैदी सरबजीत सिंह से मिलने की अनुमति दे दी है. पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने सरबजीत सिंह, जिसे कि वहाँ मनजीत सिंह कहा जाता है, को 1990 में सिलसिलेवार बम धमाके करने के आरोप में फ़ाँसी की सजा सुनाई गई है. उसे भारतीय ख़ुफ़िया अधिकारी भी बताया गया है. पिछले सप्ताह पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने सरबजीत सिंह की फाँसी की सज़ा को बरक़रार रखने का फ़ैसला सुनाया था. दूसरी ओर भारत में सरबजीत सिंह के परिजनों का कहना है कि जिसे मनजीत सिंह कहा जा रहा है वह निर्दोष सरबजीत सिंह है और अधिकारियों ने ग़लत पहचान के आधार पर उसे पकड़ लिया है. उनकी बहन का कहना है कि पाकिस्तान जिसको सज़ा देने जा रहा है वह वास्तव में एक खेतिहर मज़दूर है. सरबजीत के परिजनों ने धमकी दी है कि उसे फ़ाँसी दी गई तो वे लोग भी आत्महत्या कर लेंगे. भारत सरकार पर दबाव सरबजीत को छुड़ाने के लिए भारत सरकार पर घरेलू दबाव बढ़ता ही जा रहा है. पंजाब के काँग्रेस नेताओं के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आश्वासन दिया है कि वह पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से सरबजीत सिंह को फाँसी दिए जाने के मामले में बात करेंगे. इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता जफ़र अब्बास के अनुसार राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के सीधे हस्तक्षेप के बिना सरबजीत की जान बचना मुमकिन नहीं लगता है. मंगलवार को भाजपा और अकाली दल के सांसदों ने सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर के साथ विदेश मंत्री नटवर सिंह से मुलाक़ात की. मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बातचीत में दलबीर कौर ने कहा कि विदेश मंत्री ने इस मामले में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से बातचीत करने का आश्वासन दिया है. दलबीर कौर का कहना था कि बातचीत के बाद उन्हें उम्मीद की किरण नज़र आई है. |
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